अमेठी। जिम्मेदारों की लापरवाही लोहिया नगर-विशेषरगंज-सैठा मार्ग पर सफर करने वाले हजारों राहगीरों पर भारी पड़ रही है। करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सड़क कई जगह धंसने के अलावा उखड़ गई है। सड़क के धंसने व उखड़ने तथा इसी सड़क पर बने एक पुल का फाउंडेशन जर्जर हो जाने से सड़क पर सात-आठ माह से आवागमन भी बंद है। लोगों की परेशानी के बावजूद जिम्मेदार इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सैठा-विशेषरगंज-संग्रामपुर-लोहियानगर मार्ग पर डेहरा से लोहिया नगर (13.6 किलोमीटर) सड़क के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2017-18 में मिली थी। केंद्रीय निधि से स्वीकृत इस सड़क के लिए आवंटित करीब 23 करोड़ रुपये की धनराशि मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड ने निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की।
निविदा सुल्तानपुर के लकी ट्रेडर्स को मिली। जनवरी-फरवरी 2018 में सड़क का निर्माण शुरू हुआ। सड़क का निर्माण भी तकरीबन (भूमि पर स्टे के वजह से नरायनपुर के पास 418 मीटर सड़क को छोड़कर) पूरी हो चुका है। हालांकि निर्माण के तत्काल बाद ही ये सड़क कई जगह पर धंस गई।
ये स्थिति तब है जब इस सड़क पर आवागमन पिछले आठ-नौ महीने से बंद (मालती नदी पर बने पुराने एक लेन के पुल का फाउंडेशन जर्जर होकर धंसने के बाद विभाग ने बाकायदा बोर्ड लगाकर रोड पर आवागमन बंद कर दिया है) पड़ा है। लोगों की मानें तो यदि इस सड़क पर आवागमन चालू होता तो अब तक पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी होती।
विभागीय सूत्रों की मानें तो मालती नदी पर जर्जर पुल को तोड़कर दो लेन का नया पुल बनाने का प्रस्ताव पिछले दिनों शासन में भेजा गया था। हालांकि व्यस्ततम मार्ग होने व विभाग की ओर से इसका उल्लेख करने के बावजूद पुल निर्माण के प्रस्ताव को शासन को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
इस सड़क के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह सड़क अमेठी के जिला मुख्यालय गौरीगंज को प्रतापगढ़ जिले के अठेहा मार्ग, अमेठी-अठेहा मार्ग, अमेठी-शाहबरी मार्ग, अमेठी-किठावर मार्ग, अमेठी-संड़वा चंडिका मार्ग व अमेठी-प्रतापगढ़ मार्ग को एक-दूसरे से जोड़ती है। क्षेत्र का प्रसिद्ध कालिकन धाम भी इस सड़क के किनारे स्थित है। इस सड़क का प्रयोग प्रतिदिन हजारों लोग करते हैं।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अवर अभियंता अमित कुमार पाठक ने सड़क निर्माण में लापरवाही की बात से इंकार किया। कहा कि सड़क पांच ऐसे स्थानों पर धंसी है जहां रोड पर बड़े पेड़ थे। जल्द ही इन स्थानों पर सड़क खोदकर पेड़ की जड़ निकालकर सड़क को पुन: दुरुस्त कराया जाएगा।