जगदीशपुर (अमेठी)। प्रदेश में पूर्वांचल का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र कहा जाने वाला जगदीशपुर उपेक्षा का शिकार हो गया है। औद्योगिक क्षेत्र के उतेेलवा सेक्टर में सड़कों की हालत बेहद दयनीय है।
ऐसे में जर्जर सड़क पर औद्योगिक क्षेत्र के विकास की गाडिय़ां कैसे दौड़ेंगी, यह उद्यमियों की समझ में नहीं आ रहा है। उद्योग बंधु की बैठक में अक्सर खराब सड़कों का मुद्दा उठाया जा रहा है। बावजूद इसके नतीजा शून्य है।
जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र के उतेलवा सेक्टर मे दर्जनों औद्योगिक इकाईयां स्थापित हैं। पिछले चार वर्षों से लेकर आज तक इन सड़कों की स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है।
गर्मी में तो वाहनों का आवागमन किसी तरह हो जाता है लेकिन बारिश होते ही दिक्कतें बढ़ जाती हैं। हालात यह हैं कि हल्की बारिश होने से भी सड़कों पर जलभराव की स्थिति हो जाती है।
पानी निकासी की भी समुचित व्यवस्था नहीं होने से हफ्तों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इससे व्यावसायिक गतिविधियों की प्रगति पर सीधे असर पड़ रहा है।
उद्यमियों के अनुसार हर बार यूपीएसआईडीए के अधिकारियों की मौजूदगी में जिला प्रशासन के साथ बैठक में खराब सड़कों का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन सड़क मरम्मत का कार्य फाइलों तक सिमट कर रह जाता है। क्षेत्र के दर्जनों उद्यमियों ने डीएम अरुण कुमार से व्यक्तिगत रुचि लेकर इस समस्या का समाधान कराने की मांग की है।