अमेठी सिटी। समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) की परीक्षा 27 जुलाई को जिले के 13 केंद्रों पर कराई जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कर दिया है।
यह परीक्षा एकल पाली में सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे तक होगी, जिसमें कुल 5376 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षार्थियों को सुबह 8:00 बजे से केंद्रों में प्रवेश मिलेगा, लेकिन 8:45 बजे के बाद किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पहचान सत्यापन की प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले बायोमीट्रिक और फिर फेस रिकग्निशन। यह कार्य सुबह 9:15 बजे तक पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर दो पुरुष व दो महिला कांस्टेबल, सीसीटीवी कैमरे, तथा मोबाइल निगरानी दल तैनात किए गए हैं।
व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए हर केंद्र पर एक समन्वयी पर्यवेक्षक, एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट, दो केंद्र व्यवस्थापक, एक सह व्यवस्थापक, प्रशिक्षित अंतः परीक्षक और कक्ष निरीक्षकों की टीम तैनात रहेगी। अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को रिजर्व में रखा गया है। परीक्षा प्रारंभ होने से 55 मिनट पूर्व समन्वयी पर्यवेक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक के मोबाइल पर एक विशेष कोड भेजा जाएगा, जिससे प्रश्नपत्र बॉक्स खोला जाएगा। प्रश्नपत्र का लिफाफा परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों की उपस्थिति में खोला जाएगा और दो परीक्षार्थियों से हस्ताक्षर लेकर प्रमाणित कराया जाएगा।
लोक सेवा आयोग के समन्वयी पर्यवेक्षक दिनेश चंद्र जोशी 20 जुलाई से अपनी निगरानी में सभी आवश्यक तैयारियों को पूर्ण करवाने में जुट है। सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक निरीक्षण भी कर चुके हैं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दे चुके हैं। जिलाधिकारी संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने भी केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी व्यवस्थापकों और निरीक्षकों को पूर्व प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया है। परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, छाया और पर्याप्त बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, केलकुलेटर, ब्लूटुथ या अन्य किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने पर परीक्षार्थी को परीक्षा से बाहर किया जा सकता है।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी
एडीएम अर्पित गुप्ता ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर प्रशासन सतर्क रहेगा।