अमेठी। संग्रामपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पतापुर का विलय शंकरपुर विद्यालय में किया गया है, जबकि पास ही शुकुलपुर गांव में कंपोजिट विद्यालय है। पतापुर से शंकरपुर जाने के लिए नदी और जंगल पार करना पड़ता है। स्कूल की दूरी भी लगभग दो किलोमीटर है। इससे अधिकांश बच्चों ने स्कूल जाना अभी शुरू नहीं किया है।
शंकरपुर विद्यालय में पतापुर विद्यालय के सिर्फ चार बच्चे मंगलवार को पहुंचे। विलय पूर्व पतापुर विद्यालय में 26 बच्चे पंजीकृत थे। प्रधानाध्यापक विज्ञानमणि तिवारी ने पहले दिन खुद सभी बच्चों को शंकरपुर पहुंचाया, लेकिन अगले दिन से बच्चे स्कूल नहीं आए। उन्होंने अभिभावकों से संपर्क कर चार बच्चों को किसी तरह तैयार किया।
अभिभावकों ने शर्त यह रखी कि लौटते समय प्रधानाध्यापक उन्हें बाइक से घर छोड़ेंगे। पतापुर गांव के निवासी केबी यादव ने बताया कि स्कूल अब दो किलोमीटर दूर हो गया है, जहां जाने के रास्ते में जंगल और नदी पड़ती है। जंगली जानवरों की वजह से बच्चे डरते हैं, इसलिए अभिभावक उन्हें भेजने से कतरा रहे हैं। अगर बच्चों को रास्ते में कुछ हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा।
खंड शिक्षा अधिकारी शशांक मिश्र ने बताया कि प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि कुछ दिनों तक स्कूल के बच्चों को लाने आैर ले जाने में सहयोग करें।