अमेठी सिटी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति कम होने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मध्याह्न भोजन योजना पोर्टल की समीक्षा में सामने आया कि एक जुलाई से 21 जुलाई के बीच जिले के 488 स्कूलों में छात्र उपस्थिति औसतन 30 से 50 प्रतिशत के बीच रही है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि स्कूलों में कम उपस्थिति केवल योजनाओं की सफलता पर सवाल खड़े नहीं करती, बल्कि बच्चों की शैक्षिक प्रगति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हर स्तर पर उपस्थिति की साप्ताहिक निगरानी होगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में विद्यालयवार उपस्थिति की नियमित समीक्षा करें और कमी मिले तो तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
बीएसए ने प्रधानाध्यापकों से कहा है कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए अभिभावकों से संवाद स्थापित करें, ताकि बालकों में विद्यालय के प्रति सकारात्मक रुचि और नियमितता विकसित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी दिनों में छात्र उपस्थिति में सुधार नहीं दिखा तो संबंधित प्रधानाध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है जब विद्यालयों में छात्रों की संख्या संतुलित हो और सभी पंजीकृत छात्र नियमित रूप से पढ़ाई में भाग लें।