संग्रामपुर। पतऊ का पुरवा निवासी सेवानिवृत्त वाहन चालक सुरेंद्रनाथ यादव (65) की बृहस्पतिवार सुबह खेत में लगे झटका तार में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पत्नी श्रीमती के मुताबिक सुरेंद्रनाथ सुबह धान की फसल की निराई करने की बात कहकर खेत गए थे। काफी देर तक नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। वह खेत की मेड़ पर झटका तार में फंसे बेहोशी की हालत में मिले। तार में कहीं से करंट उतर रहा था। परिजन तार हटाकर उन्हें सीएचसी संग्रामपुर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सुरेंद्रनाथ यादव चंडीगढ़ में सरकारी वाहन चालक थे। सेवानिवृत्ति के बाद गांव में रहकर खेती-किसानी करते थे। उनका इकलौता बेटा रिंकू और बेटियों की शादी हो चुकी है। घटना के समय रिंकू किसी काम से लखनऊ गया था। हादसे के बाद पत्नी श्रीमती, बहू और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पत्नी ने आशंका जताई कि किसी ने झटका तार में बिजली का करंट जोड़ दिया था। हालांकि मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। कुछ लोगों पर मौखिक आरोप लगाए गए हैं। सीओ मनोज मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। समझाने के बावजूद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए और कोई तहरीर भी नहीं दी।
जिले में झटका तार से मौत के मामले
24 मार्च : जामों के रामशाहपुर निवासी सुनील कश्यप (45) की सेंभुई चौराहे के पास झटका तार की चपेट में आने से मौत।
19 जून : जगदीशपुर के हरपालपुर गांव निवासी किसान रामबोध यादव और हीरालाल प्रजापति की झटका तार की चपेट में आने से मौत।
17 सितंबर : संग्रामपुर के पतऊ का पुरवा निवासी सुरेंद्र नाथ यादव (65) की झटका तार में उतरे करंट से मौत।
झटका तार के करंट से ऐसे करें बचाव
ऊर्जा निगम के सेवानिवृत्त अवर अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि झटका तार में बिजली का करंट उतरने पर उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति की जान जा सकती है। पानी भरे खेत में बिजली का तार टूटकर गिरने पर आसपास के हिस्से में भी करंट फैल सकता है। ऐसे में सीधे मौके पर न जाएं। पहले बिजली आपूर्ति बंद कराकर विभाग को सूचना दें। सूखी लकड़ी या बांस की मदद से ही बचाव का प्रयास करें और टूटे तार व क्षतिग्रस्त केबल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।