अमेठी सिटी। ठंड से सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं सर्दी, खांसी के साथ ठंड से एलर्जी के मरीज भी बढ़े हैं। इसी कारण अस्पतालों की टीबी एंड चेस्ट ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सक दवा देने संग सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले कई दिनों से सुबह-शाम तापमान गिर रहा है। इस बीच लोग वायरल बुखार के साथ खांसी, सर्दी, जुकाम और सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के फिजिशियन की ओपीडी में मरीजों की ज्यादा भीड़ रही। करीब 25 से 30 फीसदी मरीज खांसी और सांस में तकलीफ से परेशान रहे। 15 फीसदी मरीजों में एलर्जी जैसी समस्या रही। वहीं, कई पुराने अस्थमा और सीओपीडी के रोगी भी पहुंचे, जिनमें सर्दी की दस्तक के साथ ही बीमारी बढ़ी है। विशेषज्ञों ने इन्हें दवाओं और जांच के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दी।
फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि कई दिन तक खांसी रहने पर सुबह-शाम काढ़ा का सेवन करें। जिन्हें ठंड से एलर्जी हो, वे दही, छाछ, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम व अन्य ठंडी वस्तुओं का सेवन न करें। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित चिकित्सक की सलाह पर ही इन्हेलर और दवाओं का सेवन करते रहें। बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग जरूर करें।
बरतें ये सावधानी
- इन्हेलकर की डोज एडजस्ट करा लें।
- बाहर जाते वक्त मास्क जरूर लगाएं।
- सुबह-शाम खिड़की व दरवाजा बंद रखें।
- गुनगुना पानी पीएं, रोजाना भाप जरूर लें।
- ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचें। धूम्रपान न करें।