अमेठी। कोषागार से मिलने वाली पेंशन/पारिवारिक पेंशन धारकों को मार्च व अप्रैल माह में स्वयं उपस्थित होकर जीवित होने का प्रमाणपत्र देना होता है। लॉकडाउन के चलते ऐसे पेंशनरों को कोषागार में उपस्थित होने से राहत देते हुए उन्हें निर्धारित प्रारूप पर व्हाट्सएप, मैसेंजर व ई-मेल के माध्यम से जीवित होने का प्रमाणपत्र मुहैया कराने की छूट दी गई है।
सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारी को संबंधित जिले के कोषागार से पेंशन मिलती है। कर्मचारी के निधन के बाद उनकी पत्नी को पारिवारिक पेंशन दी जाती है। ऐसे पेंशनरों को वर्ष में एक बार मार्च व अप्रैल माह में जिला कोषागार अधिकारी के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर जीवित होने का प्रमाण देना होता है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित की पेंशन रोक दी जाती है। कोरोना के चलते 25 मार्च से देश में लॉकडाउन घोषित होने के चलते निदेशक कोषागार ने सहूलियत देने का आदेश जारी किया है।
निदेशक का पत्र मिलने के बाद जिले के वरिष्ठ कोषाधिकारी आलोक कुमार राजवंशी ने विज्ञप्ति जारी कर ऐसे पेंशनर्स को सहूलियत दी है जिन्हें मार्च व अप्रैल माह में जीवित होने का प्रमाणपत्र देना था। उन्होंने कहा है कि ऐसे पेंशनर अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप पर व्हाट्स एप, मैसेंजर व एमएमएस के माध्यम से 9839954932 पर दे सकते हैं। ऐसे लोगों की मार्च व अप्रैल की पेंशन रोकी नहीं जाएगी। लॉकडाउन खुलने के बाद ऐसे पेंशनरों को स्वयं उपस्थित होकर जीवित होने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा।