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Amethi News: शव के अंतिम संस्कार से किया इन्कार, सिपाही की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन

Mon, 30 Dec 2024 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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महिला व्यवसाई का शव पहुंचने के बाद रोती मृतक का मां व अन्य परिजन।-संवाद
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अमेठी। महिला व्यवसायी की हत्या के मामले में पुलिस विभाग की किरकरी हो रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजन भड़क गए। परिजन सिपाही पर केस दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गए। मान मनौव्वल का दौर देर शाम तक जारी रहा। परिजनों ने देर रात परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर रोड स्थित आवास विकास काॅलोनी निवासी आलोक अग्रहरि की पत्नी दिव्या अग्रहरि की शनिवार दोपहर घर में घुसकर दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पति आलोक अग्रहरि ने एक सिपाही पर हत्या का आरोप लगाया था। जबकि मृतक दिव्या के भाई ने अपने जीजा पर ही हत्या करने का आशंका जताई थी। रविवार को चिकित्सकों के पैनल ने वीडियो कैमरे की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम किया।


विभागीय सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम में एंटीमार्टम इंजरी आई है। विसरा भी सुरक्षित किया गया है। हालांकि पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कह रही है। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव घर पहुंचा तो परिजनों के विलाप के बीच आक्रोश बढ़ गया। मृतक के भाई ने दूसरे दिन पुलिस पर सिपाही को बचाने व जीजा को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। दिव्या के परिजन सिपाही पर केस दर्ज करने और उसे गिरफ्तारी करने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गए हैं। परिजनों की जिद देख पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए।
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मृतका के फोन में राज, पुलिस खोज नहीं पाई मोबाइल
दिव्या की मौत के बाद मोबाइल में कई राज होने की बात मीडिया को पुलिस ने बताई थी। घटना के बाद से दिव्या का मोबाइल फोन गायब है, जो चर्चा का विषय बना है। सूत्रों के अनुसार मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने सीडीआर निकालकर पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने पति को भी हिरासत में लिया है।


पुलिस पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप
दिव्या के भाई मुंशीगज निवासी संजीव कुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संजीव ने बताया कि घटना के बाद से उसके जीजा आलोक अग्रहरि उर्फ चंदन को ही पकड़कर 30 घंटे से हिरासत में रखा गया है। जबकि सिपाही ने ही बहन की हत्या की है, वही हत्या करके मोबाइल लेकर चला गया है।


घर पर भारी पुलिस बल तैनात
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव अमेठी पहुंचा। इस मौके पर सीओ मनोज मिश्रा, एसएचओ जायस, पीपरपुर, रामगंज, संग्रामपुर, मुंशीगंज और महिला थाने की पुलिस मौजूद रही। सीओ ने परिजनों से कई बार अंतिम संस्कार के लिए बात की, लेकिन परिजन सिपाही की गिरफ्तारी और पति को छोड़ने की मांग पर अड़े रहे।



तीन दिन पहले सिपाही से हुआ था झगड़ा
मृतक के भाई ने तीन दिन पहले सिपाही के घर आने व बहन से झगड़ा करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि शनिवार को उसके जीजा के घर से जाने के बाद बहन की हत्या सिपाही ने की है। मृतक के मोबाइल में कई रहस्य हैं, जिनकी जांच पुलिस नहीं कर पा रही है।



सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले की नहीं हो पाई पहचान
महिला व्यवसायी के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में 9.23 बजे पति बाहर निकला। उसके बाद 9.29 बजे दुकान के पीछे साइड से एक अज्ञात व्यक्ति दुकान के अंदर जाते दिखा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया है। 24 घंटे बाद भी फुटेज में दिखने वाले की पहचान पुलिस नहीं कर पाई है।



आखिरकार किसे बचा रही पुलिस
महिला व्यवसायी की हत्या मामले में आखिरकार पुलिस किसे बचा रही है। पति को हिरासत में लेना, पति की बातों पर यकीन नहीं करना और जांच से पहले ही आत्महत्या की बात कहना, किसी को समझ नहीं आ रहा है। लोग दबी जुबान कह रहे हैं कि पुलिस सिपाही को बचाने को किसी भी हद तक जाने को तैयार है।



सिपाही के खिलाफ पति ने दी तहरीर
शव पहुंचने के बाद परिजनों का प्रदर्शन देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। परिजनों की मांग व जिद को देखते हुए आखिरकार पुलिस ने आलोक अग्रहरि की तहरीर ली। तहरीर पर आलोक अग्रहरि ने सिपाही का नामजद करते हुए कई आरोप लगाए हैं।

मामले की होगी निष्पक्ष जांच
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। मृतका के भाई की ओर से शनिवार को आरोप लगाए जाने के बाद पति को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई। हर पहलू की जांच हो रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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