बाजारशुकुल (अमेठी)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों से यात्रियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक्सप्रेसवे के चार किलोमीटर के दायरे में तीन माह में नौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अधिकतर दुर्घटनाओं की वजह वाहनों की तेज रफ्तार और ड्राइवरों को झपकी आना रहा है।
छह जून को लखनऊ से अंबेडकरनगर जा रहे कंटेनर की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। आशीषपुर गांव के पास हुए हादसे में रसूलपुर निवासी चालक मोहम्मद कैफ (25) और बसखारी निवासी खलासी मोहम्मद रशीद की मौत हो गई थी, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
13 अप्रैल को आजमगढ़ निवासी पवन उपाध्याय (30) की कार ओवरटेक के दौरान ट्रक से टकरा गई थी। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। 12 मई को सत्थिन गांव के पास बाराबंकी निवासी सिराज अहमद की कार पलट गई, जिससे उनकी मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। रविवार को हुए हादसे में एक साथ पांच लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय देवी दयाल शर्मा, शेषनाथ तिवारी, विनय शंकर तिवारी, जहीर अहमद, भूपेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि हादसों का कारण सड़क पर तेज रफ्तार और नींद में वाहन चलाना है। लोगों ने मांग की कि एक्सप्रेसवे पर जांच बिंदु और विश्राम गृह बनाए जाएं, ताकि चालक विश्राम कर सकें और हादसों में कमी लाई जा सके।