कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते पंप ऑपरेटर। स्रोत: स्थानीय नागरिक
अमेठी सिटी। आउटसोर्सिंग व्यवस्था में शामिल करने की मांग को लेकर जल जीवन मिशन के तहत तैनात पंप ऑपरेटरों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ऑपरेटरों ने बताया कि वे करीब तीन वर्षों से गांवों में जलापूर्ति, पंप संचालन और पंप हाउस के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कम मानदेय मिल रहा है और नौकरी की स्थिरता भी नहीं है।
ऑपरेटरों के मुताबिक वर्तमान में निजी कंपनियों के माध्यम से मानदेय मिलता है। आरोप है कि कंपनियों की ओर से ग्राम प्रधान बदलने पर सेवा से हटाए जाने की बात कही जाती है। इससे लंबे समय से काम करने के बाद भी भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। कम मानदेय में परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से निर्धारित मजदूरी दिए जाने की घोषणा से उन्हें उम्मीद जगी है। जल जीवन मिशन से जुड़े कर्मचारियों को इस व्यवस्था में शामिल किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने जिले में तैनात पंप ऑपरेटरों को भी आउटसोर्सिंग के दायरे में शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे नौकरी में स्थायित्व मिलने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में विनय कुमार शुक्ल, लालचंद्र, चंद्रशेखर, कनक सिंह, राजकुमार यादव, शैलेंद्र प्रताप सिंह और धर्मेंद्र आदि शामिल रहे।