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Amethi News: हाईवे पर प्रदर्शन, मनौवल के बाद अंतिम संस्कार

Thu, 06 Aug 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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गौरीगंज के चिलबिला-मुसाफिरखाना हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान मौजूद परिजन।  -संवाद
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अमेठी सिटी। अंकित कश्यप हत्याकांड में चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद परिजन तीसरे दिन भी आक्रोशित रहे। बुधवार को शव के साथ चिलबिला-मुसाफिरखाना हाईवे पर प्रदर्शन किया। सुबह से दोपहर तक चले विरोध के दौरान कई बार हाईवे जाम करने का प्रयास हुआ। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों से कई दौर की वार्ता की। दोपहर बाद कार्रवाई व मांगों को शासन तक पहुंचाने के आश्वासन पर हत्या के करीब 40 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया।
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गौरीगंज के पूरे बान सिंह गांव निवासी अंकित कश्यप की सोमवार रात हत्या कर दी गई थी। पुलिस मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद तथा तीन अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बावजूद परिजन एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

क्षेत्राधिकारी अखिलेश वर्मा समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय तक गतिरोध बना रहा। इस दौरान परिजन शव को ठेले पर रखकर हाईवे की ओर बढ़े। पुलिस ने शव को सड़क पर रखने से रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई।
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कई बार परिजन सड़क पर बैठ गए, जिससे चिलबिला-मुसाफिरखाना हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। दोपहर बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने बताया कि हत्याकांड के सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।


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छह घंटे तक प्रभावित रहा हाईवे
सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तक चला। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने अमेठी, गौरीगंज और आसपास के मार्गों से वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकाला। इससे यात्रियों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात सामान्य हो सका।

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शव ले जाने के दौरान बढ़ा तनाव

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनने के बाद परिजन शव को ठेले पर रखकर कस्बे की ओर ले जा रहे थे। पुलिस ने बीच रास्ते में उन्हें रोक दिया, जिसके बाद तीखी नोकझोंक हुई। अंकित की पत्नी समेत अन्य परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया। वहीं, भीड़ की ओर से पथराव की भी चर्चा रही। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। अंकित के चाचा समेत कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद स्थानीय लोगों की मध्यस्थता से मामला शांत हुआ।
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