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Amethi News: परियोजना पूरी, पानी की आस अधूरी

Fri, 10 Oct 2025 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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संग्रामपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल से जल योजना गांव-गांव तक पहुंचाने के जिला प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इसकी बानगी देखनी है तो जरौटा और उत्तरगांव जाइए। इन गांवों में कागजों में परियोजना पूरी हो गई, लेकिन पानी की आस अभी भी अधूरी है। ज्यादातर घरों में टोंटियां में पानी नहीं आ रहा है। कई जगह पाइपलाइन अधूरी पड़ी है। ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने परियोजना पूरी होने की बात लिख कर फाइल बंद कर दी है।
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जरौटा गांव में आठ पुरवों के लगभग तीन हजार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 3.01 करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी बनाई गई। योजना के तहत 422 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य तय हुआ, मगर अब तक 385 घरों में ही कनेक्शन दिए गए। वहीं उत्तरगांव में 16 पुरवों के साढ़े तीन हजार लोगों को नल से जल मुहैया कराने के लिए 4.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए।


यहां 760 में से केवल 530 कनेक्शन ही दिए गए हैं। विभाग का दावा है कि जरौटा में अक्तूबर 2023 और उत्तरगांव में जनवरी 2025 से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। मगर ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में पानी नहीं पहुंच रहा हे। पाइपलाइन अधूरी पड़ी है। कुछ घरों में पानी पहुंच रहा है, लेकिन वह नियमित नहीं।
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जल निगम के एक्सईएन अनिल कुमार राव ने बताया कि जरौटा गांव में सड़क के बीच पाइपलाइन पड़ने से कनेक्शन देने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर टोंटियां नहीं लगीं या पाइपलाइन लीकेज है, वहां की जांच कराकर मरम्मत कराई जाएगी।







टोंटियां तो लगीं, मगर नहीं आया पानी
जरौटा गांव के प्यारेलाल मिश्र, कृष्णशंकर मिश्र, रवींद्र पांडेय और अजीत मिश्र ने बताया कि टोंटियां तो लगाई गईं, मगर पानी कभी नहीं आया। वहीं गिरजा शंकर मिश्र, लालमणि मिश्र और सतराज मिश्र का कहना है कि उनके पुरवे में पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई। शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। खेल मैदान में क्षतिग्रस्त पाइप से लगातार पानी बह रहा है। गांव की संगीता देवी ने बताया कि मरम्मत के नाम पर एक कर्मचारी ने 100 रुपये लिए, लेकिन स्थिति अब भी वैसी ही है।



कभी-कभी आता है पानी
बहेलियापुर गांव के रामचंद्र यादव, राजाराम विश्वकर्मा, सविता देवी और केदार विश्वकर्मा ने कहा कि कभी-कभी ही पानी आता है। राजाराम और शंभूनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि उनके घर में टोंटी नहीं लगी है। अयोध्या प्रसाद वर्मा के यहां पाइप से लगातार पानी रिसता रहता है। शंभूनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि उनके घर टोंटी अब तक नहीं लगाई गई। पानी रोकने के लिए पाइप में लकड़ी और पन्नी लगानी पड़ती है।





लीकेज से बह रहा पानी
उत्तरगांव के राजापुर और मुरारपुर गांवों में भी स्थिति समान है। विश्राम मौर्य, महेंद्र मौर्य, सत्यनारायण और हरिश्चंद्र ने बताया कि उन्हें अब तक कनेक्शन नहीं मिला। राहुल मौर्य के खेत और अनुज मौर्य के घर के पास पाइप लीकेज से लगातार पानी बह रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सुबह सात से 11 बजे और दोपहर एक से दो बजे तक ही जलापूर्ति की जाती है, वह भी अनियमित रूप से।
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