. गौरीगंज शहर स्थित शिवांश गैस एजेंसी के बाहर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। -संवाद
अमेठी सिटी। घरेलू सिलिंडर की मांग के अनुरूप डिलीवरी नहीं हो रही है, जिससे गैस एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। पहले जहां प्रतिदिन औसतन पांच हजार सिलिंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या 12 हजार के करीब पहुंच गई है।
बुकिंग कराने वाले उपभोक्ता रात से ही लाइन में लग रहे हैं, ताकि सुबह जल्दी उन्हें सिलिंडर मिल जाए और दैनिक कामकाज प्रभावित न हों। गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी पर बृहस्पतिवार सुबह लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने यही बात दोहराई और बताया कि बुकिंग प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्या से परेशानी और बढ़ गई है। रामकुमार ने बताया कि कई बार प्रयास करने के बाद भी मोबाइल पर ओटीपी नहीं आता, जिससे बुकिंग नहीं हो पाती। मजबूरी में एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
सरोज देवी ने बताया कि घर में गैस खत्म हो गई है। लकड़ी और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय अधिक लग रहा है। अमित सिंह ने कहा कि एजेंसी पहुंचने पर भी सिलिंडर मिलने की गारंटी नहीं रहती। रेखा देवी ने बताया कि कई दिनों से लगातार एजेंसी जा रही हैं, फिर भी गैस नहीं मिली। सुबह से लाइन में खड़े रहने के बाद भी निराशा हाथ लगती है। कई एजेंसियों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
एजेंसी संचालकों के अनुसार, सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन करीब पांच हजार सिलिंडर की मांग रहती है, जो अब बढ़कर लगभग 12 हजार तक पहुंच गई है। हर एजेंसी पर रोजाना 40 से 50 अतिरिक्त बुकिंग दर्ज हो रही हैं। अचानक बढ़ी मांग से वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। ऑनलाइन प्रणाली में आ रही दिक्कत ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।
सिलिंडर संग मिली राहत
टिकरिया स्थित शिवांश गैस एजेंसी के गोदाम पर दोपहर में सिलिंडर वितरण शुरू हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। रामकुमार ने बताया कि गैस नहीं होने के कारण चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा था। अब यह समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। सरोज देवी ने कहा कि बच्चों के लिए समय पर भोजन बन सकेगा। अमित सिंह और रेखा देवी ने भी गैस मिलने पर घर की व्यवस्था सामान्य होने की बात कही।