अमेठी। अलग-अलग फसलों के बाद अब जिले में पान की खेती भी शुरू की जाएगी। इस खेती के प्रति किसानों की रुचि बढ़े इसके लिए सरकार ने उन्हें प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। कवायद को सफल बनाने के लिए निदेशक उद्यान ने वित्तीय वर्ष में जिले में 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के 10 बरेजा में पान की खेती शुरू कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिले में पान की खेती करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के तहत शासन ने जिले में भी पान की खेती का लक्ष्य निर्धारित कर इसे मुकाम तक पहुंचाने की कवायद शुरू की गई है।
योजना को सफल बनाने के लिए निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। पत्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजन के तहत 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर 10 बरेजा के माध्यम से पान की खेती करवाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए किसानों को प्रोत्साहित करने को कहा गया है।
निदेशक का पत्र मिलने के बाद उद्यान विभाग ने किसानों से राष्ट्रीय कृषि विकास योजन कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन आवेदन करने को कहा है। आवेदन के बाद विभाग किसानों का चयन पहले-आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर करेगा।
किसानों का चयन करने के बाद विभाग कृषकों की ओर से नियमानुसार 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर बरेजा के माध्यम से पान की खेती करने पर किसानों को प्रोत्साहन/अनुदान राशि आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर करेगा।
जिला उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण कार्यालय के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना प्रभारी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि किसानों के चयन के बाद पान की खेती पर प्रति बरेजा लगात का 50 प्रतिशत या 50,453 रुपये का अनुदान किसान को मिलेगा। प्रभारी ने बताया कि योजना के तहत अधिकतम कम से कम एक बरेजा में पान खेती पर ही कृषकों को अनुदान मिलेगा।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बताया कि पान की खेती करने के लिए किसी भी श्रेणी का कृषक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। योजना के तहत चयनित किसान से बरेजा निर्माण कर पान की खेती कराने के साथ उसका नियमित निरीक्षण कराया जाएगा। सब सही मिलने पर अनुदान राशि आरटीजीएस माध्यम से खाते में ट्रांसफर की जाएगी।