अमेठी सिटी। आंधी के बाद पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था 14 दिनों बाद भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई है। खास तौर से तिलोई, जगदीशपुर और बाजारशुकुल के 200 से अधिक गांवों और पुरवों में बिजली संकट कायम बना है। इसके चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच अंधेरे में रातें बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बिजली संकट से पेयजल समस्या भी गहराने लगी है। थौरी उपकेंद्र से जुड़े 22 से अधिक गांवों में बिजली न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर धरना प्रदर्शन भी किया। ऊर्जा निगम के तमाम दावों के बावजूद गांवों में आंधी से टूटे बिजली खंभे अब तक नहीं बदले जा सके हैं। विराहिम बाजगढ़ गांव के मंजूर, राकेश, राम सुमिरन, मोहम्मद उमर और नसीम ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई के साथ ही कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। उमस और मच्छरों के कारण रात में लोगों को घरों के बाहर समय बिताना पड़ रहा है।
ई रिक्शा चालकों को बैटरी चार्ज कराने दूसरे गांव जाना पड़ रहा है। इनवर्टर और बैटरियां डिस्चार्ज होने के बाद लोग मोमबत्ती के सहारे रात गुजार रहे हैं। पानी के लिए भी जनरेटर चलाना पड़ रहा है।
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मरम्मत के लिए सभी जरूरी उपकरण और सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। कर्मचारियों की टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द सभी गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।