संग्रामपुर के तारापुर में बिजली का खंभा लगाते ऊर्जा निगम के कर्मी। स्रोत: ऊर्जा निगम
अमेठी सिटी। चार दिन की बारिश और तेज हवा के बाद जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। आंधी-पानी से 1800 किलोमीटर एचटी व एलटी लाइन प्रभावित हुईं, 600 बिजली खंभे टूट गए या उखड़ गए और 32 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। ऊर्जा निगम ने अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन 15 गांवों की करीब 80 हजार आबादी सोमवार शाम तक बिजली के लिए तरसती रही।
ऊर्जा निगम के अनुसार तिलोई, जगदीशपुर और गौरीगंज क्षेत्र के 108 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। दो दिन की मशक्कत के बाद 93 गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। इसके लिए 200 नए खंभे लगाए गए और करीब 300 उखड़े खंभों को फिर से व्यवस्थित किया गया। साथ ही 275 किलोमीटर 33 केवी और 1500 किलोमीटर 11 केवी लाइन की मरम्मत कराई गई।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब भी 100 से अधिक खंभे और 19 ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं। बिजली बहाली के लिए वैकल्पिक लाइनों से आपूर्ति देने की कोशिश की जा रही है। अधिशाषी अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शेष 15 गांवों में बिजली पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है और मंगलवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
जलभराव बना मरम्मत कार्य में बाधा
अधिशाषी अभियंता उमेश कुमार ने बताया कि कई स्थानों पर जलभराव और मिट्टी में नमी के कारण नए खंभे गाड़ने और ट्रांसफार्मर स्थापित करने में दिक्कत आ रही है। मौसम साफ होने से मरम्मत कार्य में तेजी आई है।
जायस में 72 घंटे से अंधेरे में 150 घर
जायस की लेबर मंडी नई बस्ती और दरगाह मीर साहब बाबा क्षेत्र के करीब 150 घरों में पिछले 72 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल संकट गहरा गया है और उमस से परेशानी बढ़ गई है। अवर अभियंता अश्वनी कुमार ने मंगलवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है।