जगदीशपुर (अमेठी)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व पार्टी की मौजूदा महासचिव प्रियंका वाड्रा की पदयात्रा के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पांच किलोमीटर लंबी पदयात्रा व जनसभा के जरिए भाई बहन ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। जनसभा में पीएम मोदी के अलावा सीएम योगी को भी निशाने पर रखे जाने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
2022 में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च में तय माना जा रहा है। हालांकि अभी इसकी कोई अधिकृत घोषणा नहीं हुई, लेकिन इसे पक्का मानकर तकरीबन सभी राजनैतिक दल तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। शनिवार को राहुल व प्रियंका की पदयात्रा व उनकी जनसभा में स्थानीय के अलावा बड़ी संख्या में कई अन्य जिलों के बड़े नेता भी शामिल हुए।
चुनाव को लेकर अब तक जहां प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री बड़ी रैलियां कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से यह पहला बड़ा आयोजन था। भाई-बहन की यह रैली व जनसभा किसी भी मायने में सत्ताधारी दल की ओर से आयोजित होने वाली रैलियों से कमतर नहीं थी।
लोगों का मानना था कि इस विशाल पदयात्रा व विराट जनसभा के जरिए भाई-बहन ने पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। शायद यही वजह रही कि मोदी को निशाने पर रखने वाले भाई बहन ने मुख्यमंत्री योगी पर भी निशाना साधा। कहा लोग छुट्टा गोवंश से त्रस्त हैं, खाद के लिए किसानों को जूझना पड़ रहा है।
जाम में फंसा राहुल का काफिला
जगदीशपुर (अमेठी)। जनसभा समाप्त होने के बाद राहुल प्रियंका का काफिला जाम में फंस गया। वापस जाने के लिए के लिए निकलते ही सड़क पर भीड़ दिखी। इसे देखकर सुरक्षा व्यवस्था में लगे अफसरों के हाथ पांव फूल गए। कुछ देर के लिए तो उनकी समझ में ही नहीं आ रहा था कि ट्रैफिक को किधर से निकाला जाए। लेकिन थोड़ी देर के लिए गाड़ियों को एक तरफ रोक लिया गया। इसके बाद राहुल-प्रियंका के काफिले को आगे निकाला जा सका। भाई बहन करीब 25 मिनट तक जाम में फंसे रहे। (संवाद)
आमने-सामने हुए भाजयुमो व कांग्रेस कार्यकर्ता
जगदीशपुर (अमेठी)। गुलाबगंज चौराहे से निकला राहुल का काफिला हाइवे पर पहुंचता इसके पहले ही बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले स्मृति की एक होर्डिंग लगाने की कोशिश की। कांग्रेसियों के विरोध करने पर दोनों पक्षों में तनाव का माहौल बन गया। प्रशासन ने किसी तरह इसे मैनेज किया।
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रियंका व राहुल वापस जाओ के नारे भी लगाए। बाद में नाराज कांग्रेसियों ने स्मृति की होर्डिंग फाड़कर फेंक दी। जगदीशपुर से हारीमऊ की पदयात्रा के दौरान हुदा चिल्ड्रेन स्कूल के बच्चे भी एक जगह खड़े थे। हालांकि यहां पहुंचने तक राहुल का काफिला इतना लंबा हो गया था कि बच्चों को उनसे मिले बिना वापस लौटना पड़ा। (संवाद)