अमेठी सिटी। हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े करीब 10 वर्ष पुराने मामले में स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट सुल्तानपुर राकेश पांडेय की अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर दी है। अदालत ने मामले में नामजद यार मोहम्मद और अबू सहमा को ट्रायल का सामना करने के लिए तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
पीपरपुर के देहली मुबारकपुर निवासी रामसुख ने कोर्ट के माध्यम से 11 मार्च 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दो नवंबर 2016 को एसडीएम सदर सुल्तानपुर न्यायालय जाते समय कोतवाली नगर क्षेत्र में उन पर गोली चलाकर जानलेवा हमला किया गया। इससे वह घायल हो गए थे। आरोपियों पर जातिसूचक शब्द कहने का भी आरोप लगाया गया था।
प्राथमिकी में तत्कालीन इसौली विधायक अबरार अहमद, यार मोहम्मद, अबू सहमा तथा अन्य लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इस पर वादी ने प्रोटेस्ट अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद फाइनल रिपोर्ट को दोषपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही पूर्व विधायक के रिश्तेदार यार मोहम्मद और अबू सहमा के विरुद्ध विचारण चलाने के लिए पर्याप्त आधार मानते हुए उन्हें तलब करने का आदेश दिया।