अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग में छह करोड़ रुपये से अधिक के चर्चित गबन प्रकरण में सीबीआई ने जांच का फोकस अब भुगतान की पूरी प्रक्रिया पर केंद्रित कर दिया है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि एरियर, जीपीएफ और अन्य देयों से जुड़े भुगतान किन अभिलेखों और अनुमोदन के आधार पर जारी हुए तथा धनराशि संबंधित खातों तक किस प्रक्रिया से पहुंची। इसके लिए आवेदन पत्रों से लेकर भुगतान रिकॉर्ड तक का क्रमवार परीक्षण किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आए अधिकांश भुगतान एरियर, जीपीएफ और अन्य देयों से जुड़े हैं। इनमें धनराशि शिक्षकों, आउटसोर्सिंग कर्मियों और उनसे जुड़े अन्य खातों में स्थानांतरित हुई। सीबीआई अब आवेदन पत्र, सेवा संबंधी अभिलेख, बिल, स्वीकृति पत्र और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसी यह भी समझने का प्रयास कर रही है कि किसी भुगतान को स्वीकृति मिलने से पहले किन स्तरों पर उसका परीक्षण और सत्यापन हुआ।
सीबीआई इस पूरी प्रक्रिया की कड़ियों को जोड़कर भुगतान के आधार की जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके स्तर से फाइलें आगे बढ़ीं। मामले में पुराने अभिलेखों और भुगतान रिकॉर्ड का गहन परीक्षण जारी है। जांच एजेंसी भुगतान जारी होने से पहले अपनाई गई परीक्षण और सत्यापन व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही है।