गौरीगंज शहर स्थित पेट्रोलपंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल लेते बाइक सवार। संवाद
अमेठी सिटी। नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम एक सितंबर से लागू है, लेकिन इसकी हकीकत पेट्रोल पंपों पर कुछ और ही नजर आ रही है। शहर से लेकर गांव तक पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट आने वाले बाइक सवारों को धड़ल्ले से पेट्रोल दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी यह नियम कागजों तक सीमित दिखा। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोग बिना हेलमेट पेट्रोल लेते नजर आए।
शासन की मंशा सड़क हादसों में कमी लाने और लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने की है। इसीलिए नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान फिर से शुरू किया गया है। इसके उलट, हकीकत यह है कि गौरीगंज, जामों मार्ग, दयालापुर और आसपास के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट आने वाले बाइक सवारों को बेरोकटोक पेट्रोल दिया जा रहा है। दोपहर करीब 12.30 बजे दयालापुर पेट्रोल पंप पर भीड़ के बीच कई चालक बिना हेलमेट पेट्रोल लेते दिखे। स्थानीय गांव निवासी बाइक सवार कपिल ने कहा कि घर पास में है, इसलिए हेलमेट नहीं पहना।
हेलमेट लगाकर पहुंचे बृजकिशोर ने कहा कि इसे केवल अभियान नहीं, बल्कि अपनी जान की सुरक्षा के लिए जरूरी समझें। पेट्रोल पंप कर्मी का कहना है कि पेट्रोल देने से मना करने पर लोग विवाद करने लगते हैं। सुरक्षा इंतजाम न होने से वे मजबूर होकर पेट्रोल देने लगते हैं। यही स्थिति अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर मार्ग पर संचालित पंपों पर भी दिखी।
एआरटीओ महेंद्र बाबू ने बताया कि बिना हेलमेट पेट्रोल लेने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। बीते दिन कई वाहनों का चालान किया गया। यह अभियान एक महीने तक चलेगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।