गौरीगंज (अमेठी)। अनुदान मिलने के बाद बच्चों के लिए यूनिफॉर्म क्रय करने में मनमानी नहीं चलेगी। इसके उपभोग का सत्यापन बेसिक शिक्षा विभाग करेगा। बच्चों को अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म में स्कूल आना होगा। इसके लिए शिक्षकों को पोर्टल पर यूनिफॉर्म समेत बच्चों की फोटो अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
शैक्षिक सत्र 2023-24 में 20 जुलाई को 1.35 लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में 12 सौ रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। बावजूद इसके शैक्षिक सत्र में गत वर्ष विभिन्न कक्षाओं में विद्यार्थियों में अधिकांश बच्चे या तो बिना यूनिफॉर्म स्कूल आ रहे हैं या फटी-पुरानी यूनिफॉर्म में। हकीकत यह है कि अनुदान राशि मिलने के बावजूद अभिभावक बच्चों को नई यूनिफॉर्म समेत अन्य सामग्री दिलाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अनुदान राशि मिलने के बाद अभिभावकों को अपने पाल्य को यूनिफॉर्म समेत अन्य सामग्री क्रय कर स्कूल भेजने के प्रति प्रेरित भी किया जाएगा। सत्यापन के बाद अनुदान राशि का उपभोग कर यूनिफार्म समेत अन्य सामग्री क्रय नहीं करने वाले अभिभावकों के खिलाफ शिक्षा विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
किया जा रहा लगातार जागरूक
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही यूनिफॉर्म समेत अन्य सामग्री क्रय करने के लिए अनुदान राशि दी गई है। शिक्षकों को स्कूल में आयोजित होने वाली शिक्षक-अभिभावक मीटिंग के साथ व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलकर धनराशि का उपभोग सिर्फ बच्चों के लिए निर्धारित सामग्री के क्रय पर खर्च करने को कह रहे हैं।
संजय कुमार तिवारी-बीएसए