गौरीगंज (अमेठी)। ग्राम पंचायतों में कार्य की अधिकता को देखते हुए शासन की ओर से जिले को 25 इंजीनियर अलॉट हुए हैं। शनिवार को सभी के अभिलेखों की जांच के साथ ही उनका अनुबंध तैयार कराने के लिए बुलाया गया है। दो अक्तूबर को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा।
पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को गति देने के लिए शासन ने अब सिविल इंजीनियरों की तैनाती का निर्णय लिया है। अब तक ब्लॉकों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व लघु सिंचाई के अवर अभियंताओं की तैनाती थी। कार्य की अधिकता के चलते समय पर इस्टीमेट व एमबी (मेजरमेंट बुक) बनाने का कार्य नहीं हो पाता था। ऐसे में एक ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों का एक साथ न तो स्टीमेट बन पाता है और न ही एमबी तैयार हो पाती है।
ऐसे में प्रस्ताव के बावजूद ग्राम पंचायतों में कार्य समय पर नहीं हो पाता है। ब्लॉक में एक ही इंजीनियर होने से कार्य की अधिकता को देखते हुए शासन ने पिछले दिनों मैन पावर बढ़ाने के लिए जनपदों में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट/कंसल्टिंग इंजीनियरों की पंचायतीराज विभाग में तैनाती के लिए 16 दिसंबर 2021 को शासनादेश जारी किया था। तब से शुरू कवायद अब जाकर परवान चढ़ सकी है।
27 सितंबर को निदेशक पंचायतीराज अनुज कुमार झा ने जिले के लिए ऐसे 25 इंजीनियरों की सूची डीपीआरओ कार्यालय को भेजी है। पत्र में कहा गया है कि सूची में शामिल इंजीनियरों के अभिलेखों की जांच कर जिले में योगदान करने के लिए उनका अनुबंध पत्र तैयार कराएं। निदेशक का पत्र मिलने के बाद डीपीआरओ कार्यालय की ओर से अनुबंध तैयार कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री वितरित करेंगे नियुक्ति पत्र
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने बताया कि दो अक्तूबर को लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इंजीनियरों को अनुबंध पत्र वितरित करेंगे। उसके बाद जिला स्तर पर सभी को अनुबंध वितरित करते हुए उनका योगदान लिया जाएगा। बताया कि शनिवार को सभी को अपने अभिलेखों की मूल प्रति के साथ बुलाया गया है। अभिलेख जांच के बाद उनका अनुबंध तैयार कराया जाएगा जिससे दो अक्तूबर को उन्हें ज्वाइन कराया जा सके।