अमेठी सिटी। मौसम में बदलाव से सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। ठंड से लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चे सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं।मंगलवार को जिला अस्पताल में सुबह से मरीजों की लाइनें देखने को मिली। 694 मरीजों ने ओपीडी में पर्चा बनवाकर अपना इलाज कराया। बुखार के 246, सर्दी के 85, खांसी के 98 व जुकाम के 87 सहित अन्य बीमारियों के मरीज रहे। सीएचसी गौरीगंज में बुखार, वायरल और ठंड से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोगियों को बुखार के साथ गले में तीव्र दर्द की शिकायत हो रही है। इससे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि सुबह और शाम ठंड बढ़ने लगी है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें। बुखार के लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक से जांच करवाएं। जिला अस्पताल में डॉक्टर शुभम पांडेय व अमित यादव के साथ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ लईक-उल्ल जमा बच्चों को इलाज के साथ-साथ मरीजों को सर्दी से बचाव की सलाह देते नजर आए। कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बीमार कर सकती है। बुखार के साथ साथ लोगों को गले में खराश की शिकायत हो रही है।
बरतें सावधानी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। उन्हें दवाइयां देकर सर्दी से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
ऐसे करें बचाव
- बच्चों को पूरे बाजू के ऊनी कपड़े पहने।
- बच्चों को ठंडी चीज खाने के लिए न दें। दूध भी गुनगुना करके दें।
- बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर टहलने न निकलें । हल्की धूप के बाद हल्का ऊनी कपड़ा पहनकर निकलें।
- जब बाहर टहलने निकलें तो जहां तक संभव हो मास्क लगा लें।
- धूल और धुआं से बचकर रहें। इससे फेफड़ों में संक्रमण की संभावना कम होगी।
- हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें। समय से दवा लें। सांस लेने में परेशानी पर चिकित्सक की सलाह लें।