गौरीगंज (अमेठी)। पुलिस विभाग ने जिले में नैफिस ब्यूरो का संचालन शुरू कर दिया है। अब जेल भेजे जाने वाले सभी आरोपियों का फिंगर प्रिंट लेने के बाद ही उनका चालान भेजा जाएगा। इससे अपराधियों की पहचान करने में आसानी होगी। अब तक यह सुविधा जिले में नहीं थी।
गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर जिले में नैफिस (नेशनल ऑटोमेटिड फिंगर प्रिंट आइडेंटीफिकेशन सिस्टम) ब्यूरो का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए प्रभारी के रूप में एक उपनिरीक्षक व दो आरक्षी की तैनाती की गई है।
नौफिस ब्यूरो में जिले के सभी थाना क्षेत्रों से अपराधियों के पहले फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। फिंगर प्रिंट सुरक्षित करने के बाद ही उस आरोपी का चालान न्यायालय भेज जाएगा। एसपी डॉ. इलामारन जी. के निर्देशन में तीन दिसंबर से आरोपियों के फिंगर प्रिंट लेने का काम शुरू किया गया है। तीन दिनों में पांच आरोपियों के फिंगर प्रिंट सिस्टम में सुरक्षित किए गए हैं।
गौरतलब है कि आसानी से अपराधियों की पहचान के लिए गृह मंत्रालय की ओर से देश के सभी राज्य व जिलों में नैफिस ब्यूरो का संचालन हो रहा है। इससे अब देश के किसी भी हिस्से में अपराधी के पकड़े जाने के बाद उसकी पहचान में आसानी हो सकेगी। अब तक कई बार पकड़े गए अपराधी अपना नाम व पता गलत बता देते थे। ऐसे में जांच एजेंसियों को उनकी सही पहचान के लिए परेशान होना पड़ता था।
पहचान करना आसान होगा
ऐसे सभी आरोपियों का फिंगर प्रिंट लिया जाएगा जिनका चालान न्यायालय भेजा जाएगा। पुराने आपराधिक विवरण व धारा 151 में पाबंद आरोपियों के भी फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। ये डेटा एप पर सुरक्षित रहेगा। इसे देश के किसी भी प्रदेश व थाने पर देखा जा सकेगा।
- डॉ. इलामारन जी. एसपी, अमेठी