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Amethi News: झाड़ियों में मिला 16 दिनों से गायब युवक का शव

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संग्रामपुर (अमेठी)। 16 दिन पहले गायब युवक का शव कालिकन धाम पशु मेला परिसर की झाड़ियों के बीच रविवार देर शाम पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। घरवालों ने हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
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संग्रामपुर थाना क्षेत्र के टिकरिया मजरे पतापुर निवासी श्रीधर पांडेय का पुत्र अभिषेक उर्फ निखिल (23) 19 नवंबर की शाम एक फोन आने के बाद घर से कालिकन बाजार के लिए निकला था। काफी देर तक अभिषेक के घर वापस न आने पर परिजन उसकी खोजबीन करने लगे। रात भर पता न चलने पर दूसरे दिन परिजनों ने संग्रामपुर थाना पहुंचकर घटना की जानकारी देते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई।
घरवालों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने युवक की तलाश नहीं की। परिजन दिन-रात अपने रिश्तेदारों और आसपास युवक की खोजबीन करते रहे, लेकिन बेटे का कहीं सुराग नहीं लगा। इसी बीच रविवार देर शाम पशु मेला परिसर कालिकन बाजार के समीप एक गड्ढे के बीच झाड़ियों में युवक का शव बकरी चराने वालों ने देखा। सूचना मिलते ही आसपास के सैकड़ों लोग वहां पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना संग्रामपुर पुलिस को दी।
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सूचना पर सीओ लल्लन सिंह समेत पूरी टीम घटनास्थल पर पहुंची। मृतक की पहचान अभिषेक के रूप में हुई। अभिषेक दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी दो साल पहले शादी हुई थी। अभिषेक की पत्नी मायके में रहती है। सीओ ने बताया कि परिजनों ने घटना के बारे में जानकारी ली गई है। सोलह दिन पूर्व शाम को घर से सामान लाने के लिए घर से निकला था। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है। पीएम रिपोर्ट आने पर ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
बेटे की हुई हत्या, पुलिस ने नहीं की खोजबीन
मृतक अभिषेक के पिता श्रीधर पांडेय का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या हुई है। कहा कि हाल ही में किसी ने शव को सड़क के किनारे फेंका है। आरोप लगाया कि गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने उनके बेटे की खोजबीन करने का प्रयास नहीं किया। जहां बेटा गायब हुआ था वहीं से साइकिल भी मिली थी। प्रतिदिन थाने जाते थे और फोन करने पर दरोगा फोन तक नहीं उठाते थे।
नहीं निकाला गया सीडीआर
मृतक के पिता का आरोप है कि बेटे को किसी ने फोन कर बुलाया था। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद लगातार फोन का सीडीआर निकालने के लिए पुलिस से गुहार लगाते रहे लेकिन पुलिस अब तक उसकी आखिरी कॉल के बारे में पता नहीं लगा पाई।
हत्या की ओर इशारा कर रहे हालात
सड़क से लगी पटरी के समीप ही शव इतने दिनों से पड़ा रहा क्या किसी की नजर वहां तक नहीं पहुंची। गड्ढे में नाम मात्र का पानी है जिसमें कोई डूब नहीं सकता। सड़क से आवागमन करने वालों को अब तक शव से उठने वाली दुर्गंध महसूस नहीं हुई। शव के कुछ अंगों पर कपड़े नहीं थे। पशु पंछियों या जंगली जानवरों ने भी शव को क्यों नहीं छुआ। उक्त स्थल से कुछ दूरी से ही अभिषेक गायब भी हुआ था। वहां के सभी जगहों पर खोजबीन भी की गई थी तब शव नहीं दिखाई दिया था। इससे लगता है कि उसका शव कहीं से लाकर यहां जल्द ही फेंका गया है।
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