जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर लगी भीड़। -संवाद
अमेठी सिटी। जिला अस्पताल की ओपीडी का सबसे अधिक 1800 मरीजों का रिकाॅर्ड सोमवार को टूट गया। 2900 से अधिक मरीजों ने अस्पताल पहुंचकर इलाज कराया। भीड़ अधिक होने से परचा बनवाने में एक घंटे तो चिकित्सक को दिखाने में तीन घंटे लगे। दवा काउंटर, सीटी स्कैन, एक्सरे और पैथोलॉजी में मरीजों की लंबी कतार लगी रही।
तीन दिन अवकाश के बाद सोमवार सुबह अस्पताल खुला तो परचा काउंटर पर मरीजों की कतार पहले से लगी थी। तीन-तीन पंजीकरण काउंटर चलने के बाद भी परचा बनवाने में करीब एक घंटा लग रहा था। सबसे अधिक मरीज फिजिशियन की ओपीडी में रहे। फिजिशियन डॉ. अमित यादव के अवकाश पर होने के कारण अकेले डॉ. शुभम पांडेय मरीजों का उपचार करते मिले।
इसके अलावा दोनों बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर भीड़ अधिक होने से बच्चों संग तीमारदार जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई पड़े। भीड़ अधिक होने, अस्पताल में सीटें पर्याप्त नहीं होने और उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल रहे। मरीज से लेकर तीमारदार पसीने से तरबतर दिखे।
ओपीडी में 2025 नए मरीज तो करीब 875 पुराने मरीजों ने पहुंचकर इलाज कराया। इनमें बुखार के 1051, खांसी, जुकाम व ठंड के 598 मरीज रहे। इसके अलावा पेट दर्द, मनोरोग, डायरिया, दस्त आदि के मरीज आए। वहीं, 155 का एक्सरे, 100 मरीजों की सीटी स्कैन जांच और 311 मरीजों की पैथोलॉजी में 7040 जांच हुई।
तीन घंटे बाद आया नंबर
मरीज प्रभावती ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा है। सुबह नौ बजे वह अस्पताल पहुंच गई थीं। परचा बनवाने में एक घंटा लगा। उसके बाद जब वह डाॅक्टर को दिखाने गईं तो तीन घंटे बाद नंबर आया। मरीज अंकिता ने बताया कि उन्हें पेट दर्द रहता है। सुबह 10 बजे आने के बाद भी चिकित्सक को दिखाने में एक बज गए। मरीज सुमन ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने दवा देने संग जांच कराने की सलाह दी। बताया कि सैंपल दे दिया है। जांच रिपोर्ट कल मिलने की उम्मीद है। मरीज मुकेश मिश्र ने बताया कि सुबह नौ बजे से वह आ गए। एक बजे नंबर आया। दवा ले ली है। जांच पंजीकरण काउंटर पर भीड़ अधिक अधिक थी। इसलिए पंजीकरण कराने की हिम्मत नहीं हुई। कल आकर जांच कराएंगे।
सभी मरीजों का हुआ उपचार
सीएमएस
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। तीन दिन का अवकाश होने से सोमवार को भीड़ अधिक रही। एक घंटे अतिरिक्त ओपीडी चली। सभी मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।