गौरीगंज (अमेठी)। विभिन्न कारणों से तैयार फसल में आग लग जाने के बाद पीड़ित किसानों को अब आवेदन में परेशानी नहीं होगी। ऐसे किसान ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन करेंगे तो संबंधित अफसर जांच व निस्तारण की कार्रवाई समय से ऑनलाइन पूरी कर क्षतिपूर्ति भुगतान में सहयोग करेंगे।
मंडी परिषद की ओर से किसानों के हित में संचालित मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता तथा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना संचालित की जाती है। योजना के बावजूद बड़ी संख्या में पात्र किसान इससे वंचित हो जाते हैं। फसलों में आग लगने के बाद किसान आवेदन, जांच के लिए कार्यालय दर कार्यालय का चक्कर लगाते रहते हैं।
फसल में आग लगने या किसान की मौत होने के बाद किसानों को अब ऑफलाइन आवेदन नहीं करना होगा। जनसुविधा केंद्र से किसान ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के समय किसानों को ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, संबंधित खतौनी की छायाप्रति, पास बुक की छायाप्रति, दो गवाह, फोटो, तहसील की रिपोर्ट, प्रथम सूचना रिपोर्ट तथा मोबाइल नंबर अपलोड करना होगा।
आवेदन के साथ सभी दस्तावेज संलग्न कर किसान को मंडी समिति में पत्रावाली जमा करनी होगी। आवेदन का निर्धारित समय में जांच रिपोर्ट लगाते हुए अफसर आवेदन मंडी समिति को अग्रसारित करेंगे।
इनसेट शाॅर्ट सर्किट पर पावर कॉर्पोरेशन के पास आवेदन
आग लगने पर मंडी समिति से नहीं होगा भुगतान
फसल में शार्ट सर्किट से आग लगने की दशा में किसानों को मंडी समिति से क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं होगा। किसानों को पावर कॉर्पोरेशन के पास आवेदन करना होगा। इसके अतिरिक्त दंगा या किसी व्यक्ति की ओर से आग लगाने पर भी मंडी समिति क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं करेगी। मंडी समिति से सिर्फ खेत में टै्रैक्टर थ्रेरसर या मशीन से कटाई के समय आग लगने व कारण ज्ञात नहीं होने पर प्रतिपूर्ति का भुगतान करती है। इसी तरह खेत में कार्य करते समय मौत व निशक्त होने पर नियमानुसार आवेदन के बाद अनुमान्य क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा।
आवेदन के बाद नियमानुसार होता भुगतान
मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता के तहत ढाई हेक्टेयर तक आग लगने पर 30 हजार, पांच हेक्टेयर तक 40 हजार तो पांच हेक्टेयर से अधिक भू-भाग पर क्षति होने पर 50 हजार रुपये प्रतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना में सिर्फ खेत में खेती-किसानी का कार्य करते हुए मौत होने पर दो लाख रुपये तो विकलांग होने पर अनुमान्य सहायता राशि दी जाती है। किसान की सुविधा के लिए ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर आवेदन सुविधा दी गई है।
आशीष कुमार सिंह-सचिव मंडी परिषद जायस