अमेठी सिटी। जिले के परिषदीय स्कूलों में नवीन शिक्षण सत्र का एक माह का समय बीत चुका है। बावजूद कक्षा एक और दो के बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंचीं। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1570 परिषदीय स्कूल और 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 1.72 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को शासन की ओर से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराने का प्रावधान हैं। परिषदीय स्कूलों के लिए कक्षा तीन से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकें आई हैं जबकि, कक्षा एक व दो की पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति नहीं हुई है।
कक्षा एक में जिले के परिषदीय विद्यालयों में 2,460 जबकि कक्षा दो में करीब 18 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक प्रवीण सिंह का कहना है कि कक्षा-एक और दो की पाठ्य पुस्तकें शासन स्तर से अभी तक जिले में नहीं आईं। लखनऊ से पाठ्य पुस्तकें आते ही स्कूलों में भिजवा दिया जाएगा।
बीआरसी में डंप हैं कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें
अमेठी सिटी। नवीन शिक्षण सत्र की शुरुआत में कक्षा तीन से आठवीं तक के लिए डिमांड 955089 में 828323 किताबें आ गईं थीं। इन किताबों को बीआरसी भेजा गया है। कार्यालय गोदाम में करीब 1.08 लाख किताब सत्यापन न होने से डंप है। स्कूलों में किताबें पहुंचाने की जिम्मेदारी बीआरसी की है। बावजूद इसके तमाम विद्यालयों में बीआरसी की ओर से किताबें नहीं भेजी गईं।
जल्द ही होगा शतप्रतिशत किताबों का वितरण
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि कक्षा एक व दो की पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति जल्द मिलने वाली है। प्राप्त किताबों को सत्यापन करवाते हुए नियमानुसार वितरण किया जा रहा है। बच्चों को किताबें मिल गई है। स्कूलों की टीम से जांच करवाई जा रही है।