अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के तहत 137 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती के लिए चार माह बाद अफसर सक्रिय हुए हैं। अभ्यर्थी नौकरी के लिए लगातार विभाग के चक्कर लगाते रहे, जिसके बाद दोबारा मंगलवार को काउंसिलिंग शुरू हुई। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही योग्य युवाओं को नौकरी मिलेगी और वे बाल वाटिका में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाएंगे।
बीएसए कार्यालय परिसर में सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ रही। कुल 437 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की गई। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और योग्यता का गहन परीक्षण किया गया। चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन पूर्ण होने पर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। कम छात्र संख्या वाले जो परिषदीय स्कूल बंद कर दिए गए हैं, वहां बाल वाटिका का संचालन होगा। ये वह विद्यालय हैं, जहां आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहे थे। इन्हीं बाल वााटिकाओं में स्पेशल एजुकेटर सेवाएं देंगे।
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज बेसिक शिक्षा बोर्ड भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। काउंसिलिंग से वंचित अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सत्यापन पूरा होते ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भर्ती पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी होगी।
सांसद से हुई थी अनियमितता की शिकायत
बेसिक शिक्षा विभाग ने दो जून को आवेदन आमंत्रित किए थे। 10 जून तक कुल 713 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। दस्तावेज सत्यापन के बाद 30 जुलाई को गौरीगंज स्थित रणंजय इंटर कॉलेज में काउंसिलिंग कराई गई थी। इस दौरान 411 अभ्यर्थियों को बुलाया गया, लेकिन केवल 273 ही उपस्थित हुए। इसी बीच कुछ अभ्यर्थियों ने सांसद किशोरी लाल शर्मा से भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की। सांसद ने पारदर्शिता की बात की, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया ठिठक गई। अभ्यर्थियों को खूब दौड़ाने के बाद दोबारा काउंसिलिंग शुरू की गई, जो बुधवार को भी होगी।