अमेठी सिटी। औद्योगिक पहचान रखने वाला जगदीशपुर कस्बा इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है। मुख्य मार्गों पर अव्यवस्थित पार्किंग और दुकानों के फैलाव ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो कई स्थानों पर आधी सड़क तक निजी वाहन खड़े मिले। सवारियां चढ़ाने-उतारने का काम भी बीच मार्ग पर होता दिखा। नतीजा यह रहा कि अन्य वाहन रेंगते नजर आए और थोड़ी दूरी तय करने में लंबा समय लगा।
कस्बे से गुजरने वाली मार्गों पर फुटपाथ लगभग गायब हैं। दुकानों के आगे टिनशेड, ठेले और सामान सजने से पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची। बुजुर्ग, महिलाएं और स्कूली बच्चे मुख्य मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।
जगदीशपुर-अयोध्या मार्ग पर एक घटना ने अव्यवस्था की तस्वीर उजागर कर दी। नागपुर निवासी अंशुल वर्मा परिवार संग लौट रहे थे। सड़क किनारे खड़ी उनकी कार को गुजरते ट्राॅला ने रगड़ दिया। क्षतिग्रस्त वाहन के कारण कुछ देर आवागमन ठप रहा और दोनों पक्षों में बहस हुई। शिकायत दर्ज नहीं हुई, मगर घटना ने जाम की हकीकत बयां कर दी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमित अभियान और सख्त निगरानी से ही सुधार संभव है। व्यवस्थित पार्किंग स्थल चिन्हित हों, मार्ग से कब्जा हटे और नियमों का पालन सुनिश्चित हो। तभी कस्बे को जाम की गिरफ्त से राहत मिल पाएगी।
प्रमुख चौराहों से गुजरना कठिन
बाजारशुकुल मोड़, जगदीशपुर चौराहा, बस अड्डा, अस्पताल गेट और रेलवे स्टेशन मोड़ पर स्थायी व अस्थायी कब्जा बना हुआ है। साप्ताहिक बाजार के दिनों में रानीगंज, जाफरगंज और वारिसगंज क्षेत्र में दबाव और बढ़ जाता है। खरीदारी की भीड़ और बेतरतीब खड़ी गाड़ियों के चलते प्रमुख चाैराहों से गुजरना मुश्किल हो जाता है।
अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
सीओ अतुल सिंह ने बताया कि सड़क पर वाहन खड़ा करने और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ लोगों को समस्या से निजात दिलाई जाएगी।