अमेठी सिटी। यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित होने के बाद अब छात्र-छात्राएं आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। अब तक इंटरमीडिएट के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रयागराज जैसे शहरों का रुख करते रहे हैं, जहां वे पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग लेते हैं। लेकिन अब जिले में ही बेहतर शैक्षिक और कोचिंग माहौल मिलने से उन्हें बाहर भटकने की जरूरत कम होगी।
जिले में पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। यहां विज्ञान, कला और वाणिज्य विषयों के साथ-साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए कई संस्थान संचालित हो रहे हैं। राजकीय महाविद्यालयों, सहायता प्राप्त कॉलेजों और निजी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर तक सभी प्रमुख विषयों की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा कौशल विकास केंद्र और व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी अब जिले में कोचिंग संस्थानों की संख्या बढ़ी है।
सिविल सेवा, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन दे रहे हैं। इससे छात्रों का समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है और वे अपने परिवार के साथ रहकर ही बेहतर तैयारी कर पा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी जिले ने अपनी पहचान बनाई है।
यहां संचालित प्रमुख संस्थानों से पढ़कर कई छात्र प्रदेश और देश स्तर पर सफलता हासिल कर चुके हैं। शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि यदि छात्र जिले में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करें तो उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।