अमेठी सिटी। जिले की 137 बाल वाटिकाओं में स्पेशल एजुकेटर भर्ती की मेरिट सूची जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों के पास अलग-अलग नंबरों से फोन आ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि कॉल करने वाले पैसे मांग रहे हैं और रुपये देने पर मनचाहे विद्यालय का आवंटन कराने की बात कर रहे हैं। कुछ लोगों ने बताया कि रुपये न देने वालों को दूर विद्यालय भेजने की चेतावनी दी जा रही है। इस तरह की कॉल से अभ्यर्थी परेशान हैं।
तकनीकी सहायक और स्पेशल एजुकेटर की भर्ती प्रक्रिया फरवरी में शुरू हुई थी, जिसका अंतिम चरण नवंबर के आखिरी सप्ताह में पूरा हुआ। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने मेरिट सूची जारी कर दी। सूची जारी होते ही चयन को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
अभ्यर्थियों ने बताया कि शुरुआत से ही आउटसोर्सिंग संस्था और विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे थे। जारी सूची में सुल्तानपुर के सात, प्रतापगढ़ के तीन, रायबरेली के एक, अयोध्या के सात, आजमगढ़ के तीन, गाजीपुर के दो, जौनपुर, मऊ और अंबेडकरनगर के एक-एक अभ्यर्थी का नाम शामिल है।
कुछ अभ्यर्थियों को संदेह है कि गैर जिले के युवाओं के चयन के पीछे प्रभाव या सुविधा शुल्क की भूमिका हो सकती है। अगले चरण में विद्यालय आवंटन होना है। इस प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कॉल करके प्रलोभन देने वालों की संख्या बढ़ रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि विभाग साफ-सुथरी व्यवस्था लागू करे ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
विभाग तीन दिसंबर को विद्यालय आवंटित करेगा। दावा है कि आवंटन मेरिट और वरीयता क्रम के आधार पर होगा। इधर अभ्यर्थियों ने बताया कि कुछ लोग आवंटन के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। बीएसए संजय कुमार तिवारी ने कहा कि चयन पूरी तरह मेरिट आधारित है। विद्यालय आवंटन भी नियमों के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि किसी तरह के लालच में न आएं और सुविधा शुल्क मांगने वालों की शिकायत करें।