अमेठी सिटी। फिरोजाबाद में सोमवार को पकड़ी गई 700 बोरी अमोनियम सल्फेट जायस की जिस फर्म के चालान पर आगरा भेजी जा रही थी, उसका पता नहीं चल रहा है। कृषि विभाग में उस फर्म का पंजीकरण नहीं है। जायस में काफी खोजबीन की गई, लेकिन दुकान भी नहीं मिली। खाद की कालाबाजारी को लेकर विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिरोजाबाद से सोमवार देर शाम कृषि विभाग को खाद की कालाबाजारी की सूचना मिली थी, जिसके बाद अफसरों की नींद टूटी। कृषि विभाग ने जायस के पते पर संचालित एपीटी एग्री साइंसेज फर्म से संबंधित अभिलेख खंगालने शुरू किए। पता चला कि इस नाम से न तो खाद बिक्री और न ही बीज व कीटनाशक बिक्री के लिए पंजीकरण कराया गया है। जायस क्षेत्र में भी विभाग की टीम ने फर्म व दुकान की तलाश की। जायस व आसपास के क्षेत्र में खाद, बीज व कीटनाशक बेचने वालों से पूछा गया, लेकिन वे भी फर्म व दुकान के बारे में कुछ नहीं बता सके।
इतनी दुकानों का है लाइसेंस
जिला कृषि अधिकारी की ओर से खाद, बीज तो जिला कृषि रक्षा इकाई अधिकारी के यहां से कीटनाशक की दुकानों का लाइसेंस जारी किया जाता है। जिले में खाद की 26 थोक और 920 फुटकर दुकानें हैं। वहीं, बीज की 640 और कीटनाशक की 544 दुकानों का लाइसेंस जारी किया गया है। खाद की दुकानों में थोक विक्रेताओं के भंडारण की क्षमता एक हजार क्विंटल से अधिक और फुटकर दुकानों में भंडारण की क्षमता एक हजार क्विंटल से कम होती है।