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छोटे स्टेशनों से नहीं चल रही एक भी पैसेंजर ट्रेन

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गौरीगंज (अमेठी)। लखनऊ, प्रयागराज व वाराणसी के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशनों पर ठहराव के लिए कोई भी पैसेंजर ट्रेन संचालित नहीं हो रही है। विभाग पहले से संचालित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बहाल नहीं कर रहा है। ऐसे में जहां ट्रैक के छोटे स्टेशन यात्रियों के लिए दिखावा साबित हो रहे वहीं लोगों को निजी वाहनों से गंतव्य की यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जनवरी माह में सांसद ने पत्र भेजकर ट्रेन संचालन का प्रयास किया लेकिन आज तक केंद्रीय मंत्री का प्रयास भी सफल नहीं हो सका।
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कोविड संक्रमण काल के पहले प्रयागराज के लिए रेलवे ट्रैक पर अप/डाउन लखनऊ-प्रयागघाट (पीआरएल) पैसेंजर, बरेली-प्रयागघाट पैसेंजर, वाराणसी-लखनऊ (वीपीएल) पैसेंजर, प्रतापगढ़-लखनऊ (शटल) पैसेंजर ट्रेन का संचालन होता था। कोविड की रफ्तार कम होने के बाद विभाग ने धीरे-धीरे एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन तो बहाल कर दिया लेकिन संचालित पैसेंजर ट्रेन का संचालन बहाल नहीं किया। लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी व लखनऊ-प्रतापगढ़-प्रयागघाट रेलवे ट्रैक पर एक भी पैसेंजर ट्रेन संचालित नहीं होने से प्रयागराज में परीक्षा की तैयारी करने वालों के साथ छोटे स्टेशनों की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने पद्मावत एक्सप्रेस को प्रतापगढ़ से बढ़ाकर प्रयागराज तक संचालित करने के साथ ही ट्रैक पर संचालित पैसेंजर ट्रेन संचालित करने की मांग उठाई तो जनवरी माह में केंद्रीय मंत्री/सांसद स्मृति ईरानी ने रेलवे को पत्र भेजकर ट्रैक पर संचालित पैसेंजर ट्रेन संचालित करने की मांग की। इसके बाद स्मृति के पीआरओ विजय गुप्ता ने एक जनवरी से ट्रेन संचालित होने की दावा भी जवाहर नवोदय विद्यालय में किया था। बावजूद इसके छह माह बीत जाने के बावजूद विभाग ने एक भी पैसेंजर ट्रेन का संचालन बहाल नहीं किया। ऐसे में प्रयागराज, वाराणसी व लखनऊ ट्रैक पर पड़ने वाले छोटे स्टेशनों के यात्रियों को निजी वाहन से यात्रा करनी पड़ रही है तो करोड़ों रुपये से सुविधा से लकदक हुए स्टेशन यात्रियों के लिए दिखावा साबित हो रहे हैं।
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ट्रेन संचालन के संबंध में नहीं मिला कोई पत्र
स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह ने बताया कि यात्रियों की मांग पर विभाग से लगातार पत्राचार कर ट्रैक पर पूर्व में संचालित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बहाल करने का अनुरोध किया जाता है। ट्रेन संचालन संबंधी निर्देश डीआरएम स्तर से होना है। पैसेंजर ट्रेन संचालित न होने से यात्रियों को परेशानी से भी अफसरों को अवगत कराया जाता रहता है। अंतू-प्रतापगढ़ ट्रैक दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन संचालित होने की उम्मीद है।
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