बाजार शुकुल (अमेठी)। लोगों को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री ने गत पांच दिसंबर को जिले को 79 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का तोहफा दिया था। किराए के भवन में संचालित यह उपकेंद्र उद्घाटन के बाद से बंद पड़े हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के साथ ग्रामीणों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। उपकेंद्र बंद होने के पीछे एएनएम की तैनाती नहीं होने को कारण बताया जा रहा है।
बीते पांच दिसंबर 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से पांच हजार नए उप स्वास्थ्य केंद्रों का ऑनलाइन लोकार्पण किया था। इस लोकार्पण में जिले को 79 उपकेंद्र मिले थे। इनमें बाजार शुकुल ब्लॉक क्षेत्र के शिवली, मांझगांव, खेममऊ, उरेरमऊ, शेखपुर भडरा, काजीपुर, सेवरा, हुसैनपुर तथा व्यौरेमऊ में उपकेंद्र का तोहफा ग्रामीणों को मिला था। सीएचसी के अधीन संचालित होने वाले नौ स्वास्थ्य उपकेंद्र संबंधित गांव में किराए के मकान में उद्घाटन के दिन बोर्ड लगाकर किया गया। सिर्फ एक दिन संचालित हुए उपकेंद्र के लिए आवंटित अधिकांश उपकरण अस्पताल गोदाम की शोभा बढ़ रहे हैं, अधिकांश केंद्रों पर यह बोर्ड भी अब नदारद हैं।
जिन गांवों में इन केंद्रों को खोला गया है वहां के ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाने की ही जानकारी नहीं है। यह भी नहीं पता कि इन उपकेंद्रों पर किस तरह के रोगों का इलाज होगा। कौन इसका संचालन करेगा। दवा मिलेगी या नहीं। छह माह बाद भी इन केंद्रों पर किसी की तैनाती नहीं की गई है। न ही सीएचसी का कोई स्टाफ समय से आकर इन स्वास्थ्य केंद्रों को खोलता और बंद करता है। उपकेंद्रों के संकेतांक बोर्ड भी बाहर नहीं लगाए गए। इन स्वास्थ उपकेंद्र पर टीकाकरण के साथ प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध कराने का दावा पूरी तरह फ्लाप साबित हो रहा है।
गांव में एएनएम सेटर संचालित नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को प्रसव, टीकाकरण व उपचार के लिए तो अन्य ग्रामीणों को मामूली बीमारी के उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। जिम्मेदार स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम की तैनाती नहीं होने की बात कहते हुए अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक सुरेश पासी ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर एएनएम की तैनाती करा कर संचालित कराने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुशील चंद्र शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की पहले से ही कमी थी। नौ नए सेंटरों के बनने से केंद्रों पर एएनएम की तैनाती नहीं हो पाई। उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए एएनएम तैनात कराने का अनुरोध किया गया है।