गौरीगंज (अमेठी)। जिले का स्वास्थ्य महकमे पर सचिव भारत सरकार व डीएम का आदेश भी बेअसर है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविदा व आउट सोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को नंबर माह का वेतन नहीं दिया गया, जबकि उनके कार्यों का मूल्यांकन होने के बाद जिला स्वास्थ्य समिति में सर्व सम्मति से अध्यक्ष डीएम अरुण कुमार ने 25 अक्तूबर को ही अनुमोदन भी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के तहत आमजनों के लिए संचालित तकरीबन योजनाओं का फील्ड में क्रियान्वयन एनएचएम विभाग करता है। एनएचएम के तहत जिले में 414 कर्मी संविदा पर तैनात हैं तो 80 से ज्यादा कर्मचारी आउट सोर्सिंग के तहत रखे गए हैं। नियमानुसार प्रति वर्ष इनके कार्यों का मूल्यांकन कर इनकी सेवा बढ़ा दी जाती है।
मूल्यांकन के बाद प्रतिवर्ष भारत सरकार द्वारा अनुमोदित पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी की जाती है। हालांकि अप्रैल से शुरू नए वित्तीय वर्ष के बाद इन कर्मियों का वेतन पूर्व की भांति मिल रहा था। 10 मार्च 2021 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के सचिव राजेश भूषण ने पत्र जारी कर एनएचएम में संविदा व अन्य महत्व पूर्ण कार्यक्रमों में कार्यरत कर्मियों को उनके कार्यों के आधार पर सेवा जारी रखने का निर्देश दिया था।
सचिव के पत्र के बाद एनएचएम की एमडी अपर्णा उपाध्याय ने 25 मार्च 2021 को सीएमओ को पत्र भेजकर एनएचएम कर्मियों को कार्ययोजना आने तक कार्य संपादित कराने को कहा था। एमडी का पत्र मिलने के बाद तत्कालीन सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने 31 मार्च को सभी अधीक्षक तथा नोडल अफसरों को पत्र भेजकर पूर्व की भांति कार्य लेने का निर्देश जारी कर दिया। इस बीच निदेशालय से नए वित्तीय वर्ष की कार्य योजना आ गई।
23 सितंबर को सीएमओ ने सभी अधीक्षक व नोडल अफसरों को पत्र भेजकर एनएचएम कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए रिपोर्ट मांगी। सभी कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन आने के बाद सीएमओ ने 25 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रस्तुत किया। बैठक में सर्व सम्मति से अध्यक्ष/डीएम अरुण कुमार ने अनुमोदन कर दिया। अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन के बाद सभी कर्मियों को पूर्व से मिल रहे वेतन में पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ वेतन मिलना था।
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने बढ़ा वेतन तो दूर नवंबर माह का वेतन ही नहीं जारी किया। ऐसे में बड़ी संख्या में कार्यरत कर्मियों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया। कई कर्मचारियों किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। राशन, कमरे का किराया, प्रतिदिन सब्जी, दूध, बच्चों की फीस व किसी सदस्य के बीमार होने पर पैसे की जरूरत होती है। वेतन न मिलने से उनके सामने समस्या उत्पन्न हो गई है।
प्रकरण की नहीं जानकारी : सीएमओ
नवागत सीएमओ डॉ. सीमा मेहरा ने कहा कि अभी उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो संबंधित नोडल अफसर से वार्ता कर सभी कर्मचारियों का नियमानुसार वेतन अविलंब जारी कराया जाएगा।