अमेठी सिटी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों में ऑडिट का कार्य महिलाएं ही करेंगी। हमारा धन हमारा हिसाब स्लोगन के साथ महिलाओं को ही ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) स्तर पर जिले की नीतू, नेहा, मानी, पूजा व राजेश कुमारी का चयन किया गया है।
जिले में स्वयं सहायता समूहों की संख्या 10 हजार से अधिक है। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं धनराशि एकत्र कर बचत का कार्य कर रही हैं। इसी के साथ विभिन्न समूह उत्पादन व सेवा क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आय-व्यय का विवरण नोट किया जाता है। ऐसे में अब सभी प्रकार के वित्तीय लेनदेन को जांचने का कार्य किया जाएगा, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
इस कार्य के लिए सबसे पहले सीएलएफ यानी क्लस्टर लेवल फेडरेशन के लिए पांच महिलाएं ऑडिटर बनाई गई हैं। एनआरएलएम की उपायुक्त प्रवीणा शुक्ल ने बताया कि हमारा धन हमारा हिसाब का अर्थ है कि महिलाएं अपनी आय-व्यय की जांच करेंगी। वहीं ऑडिटर के रूप में नियुक्ति के बाद महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उपायुक्त ने कहा कि पहले चरण में सीएलएफ स्तर पर नियुक्ति के बाद दूसरे चरण में ग्राम संगठन व बाद में समूह स्तर पर भी महिला ऑडिटर की नियुक्ति की जाएगी। इन सभी को प्रशिक्षण देकर ऑडिट के कार्य में निपुण बनाया जाएगा।