शाहगढ़ (अमेठी)। पीपरपुर के मई गांव निवासी अनूप कुमार कोरी (15) की मौत का रहस्य अभी भी कायम है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने पर चोट लगने से मौत होने की पुष्टि हुई, जबकि सिर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। मृतक की मां और बहन इसे हत्या मान रही हैं, जबकि पिता कुछ भी कहने से बच रहे हैं। पुलिस मामला हादसे का मान रही है।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजन चीख-पुकार करने लगे। पिता रामस्वरूप और ग्रामीणों ने मिलकर अंतिम संस्कार किया। परिवार और ग्रामीण इस बात को मानने को तैयार नहीं कि अनूप की मौत केवल गोवंश से बाइक टकराने की वजह से हुई। घटना के समय चार किशोर घायल हुए थे, लेकिन सभी को एक साथ अस्पताल नहीं भेजा गया। सीएचसी भेटुआ से आदर्श, अमन और मयंक को जिला अस्पताल सुल्तानपुर भेजा गया, जिसमें केवल अमन का इलाज जारी है।
आदर्श और मयंक की जानकारी न होना पूरे मामले में सवाल खड़े कर रहा है। छोटा भाई अर्पित और बहनें मालती, खुशी और सुमन बार-बार कह रही हैं कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है। माता मीनू बार-बार बेहोश हो रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि पुलिस प्रशासन के दबाव में तहरीर बदली गई। बड़ी बहन खुशबू ने बताया कि घटनास्थल पर उनका भाई अकेला पड़ा था और कपड़े भीगे हुए थे, जबकि आसपास पानी नहीं था। इंस्पेक्टर रामराज कुशवाहा ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
हादसे में घायल किशोर अमन ने अपने बयान में कहा कि बाइक गोवंश से टकराई थी। जांच में जो तथ्य प्रकाश में आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।