गौरीगंज (अमेठी)। स्थानीय थाने के बाबूगंज सगरा स्थित आश्रम की महिला सेवादार की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। महिला की हत्या में जिन पांच लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद केस दर्ज हुआ है उनमें से एक आरोपी घटना के एक दिन पहले से जेल में बंद है।
गौरीगंज थाने के बाजगढ़ी निवासी मीरा द्विवेदी बाबूगंज सगरा स्थित श्रीमतपरमहंस आश्रम की महिला सेवादार थीं। सोमवार सुबह मीरा द्विवेदी का शव राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मिला था।
पति भास्कार की तहरीर पर पुलिस ने पूरे पंडित निवासी सगे भाई उमाशंकर मिश्र व जटाशंकर मिश्र के अलावा जामो थाना के बरौलिया गांव निवासी तीन सगे भाई राजीव, रणवीर व दिलीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।
केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के साथ जांच-पड़ताल शुरू की तो पता चला कि बरौलिया निवासी नामजद आरोपी रणवीर किसी गैर जमानती वारंट के मामले में जामो पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर 28 नवंबर को ही जेल भेजा जा चुका है। नामजद आरोपी के जेल में होने की बात सार्वजनिक हुई तो केस की कहानी ही पलटने लगी।
पुलिस सेवादार महिला की हत्या व दुर्घटना की गुत्थी अभी सुलझा भी नहीं पाई थी कि एक नई जानकारी सामने आ गई। इतना ही नहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार नामजद दो अन्य आरोपियों की लोकेशन भी घटना के समय लखनऊ में पाई गई है। ऐसे में पुलिस के सामने जांच में उभर कर आए नए पेच को सुलझाते हुए घटना का खुलासा करने की चुनौती है।
पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी की मदद से घटना के समय गुजरे वाहनों की डिटेल खंगालते हुए हत्या या दुर्घटना की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार विद्यार्थी ने बताया कि नामजद एक आरोपी के जेल में होने की जानकारी जांच के दौरान प्रकाश में आई है। घटना से जुड़े हर बिंदु की जांच की जा रही है। जल्द ही मामले की निष्पक्ष जांच पूरी की जाएगी। (संवाद)