अमेठी सिटी। थाना क्षेत्र गौरीगंज के बरनाटीकर गांव के पास बुधवार से लापता एक अधेड़ का शव संदिग्ध हालात में मिला। उसकी पहचान होने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वह मनरेगा मजदूर था। वह यहां कैसे पहुंचा और उसकी मौत कैसे और किन कारणों से हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगा। परिवार के लोगों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है।
गौरीगंज थाना क्षेत्र के काजीपट्टी मजरे रामपुर कुडवा गांव निवासी राम प्रताप (50) का पुत्र देवराज अपनी माता का उपचार करवाने 24 जून को रायबरेली जिले के नसीरादाबाद गया था। घर में मौजूद रामप्रताप 25 जून को मनरेगा के तहत मजदूरी करने के बाद से लापता हो गए थे।
26 जून को देवराज घर पहुंचा तो पिता को नहीं पाया। इस पर उसने पिता की तलाश शुरू की। इसी बीच बृहस्पतिवार की सुबह सोशल मीडिया के जरिये बरनाटीकर गांव के पास बुजुर्ग का शव मिलने की जानकारी हुई। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंच देवराज ने शव की पहचान पिता राम प्रताप के रूप में की।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएचओ श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।