अमेठी। कोविड-19 संक्रमण काल में लोगों को रोजगार देने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन ने पान की खेती प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए उद्यान विभाग ने किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगा है।
आवेदन के बाद पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन करते हुए पान की खेती करने व मनरेगा जॉब कार्डधारकों को रोजगार देने पर अनुदान राशि खाते में ट्रांसफर होगी।
बागवानी खेती के माध्यम से लोगों की आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन कायम रखने के लिए उद्यान विभाग की ओर कई योजनाओं का संचालन किया जाता है। कोरोना संक्रमण काल में संचालित योजनाओं को महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम से जोड़ते हुए शासन ने पान की खेती को प्रोत्साहित करते हुए जॉबकार्ड धारकों को रोजगार देने की योजना बनाई है।
निदेशक का पत्र मिलने के बाद उद्यान विभाग ने इच्छुक किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगा है। आवेदन के बाद जॉबकार्ड धारक किसान का चयन करते हुए विभाग स्वीकृति पत्र जारी करेगा। स्वीकृति पत्र जारी होने के बाद पान की खेती व निर्धारित मानव दिवस के अनुसार रोजगार सृजित कर जॉबकार्ड धारकों को रोजगार देने पर निर्धारित अनुदान राशि खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
योजना प्रभारी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि योजना में श्रमिक की मजदूरी, पौध की लागत, खाद एवं रसायन की राशि शामिल होगी। योजना में चयन के बाद निर्धारित मानव दिवस सृजित नहीं करने पर किसानों को योजना से वंचित कर दिया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बलदेव प्रसाद ने बताया कि मनेरगा योजना से पान की खेती करने पर अनुदान मिलेगा।