योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए स्मृति ने कहा कि अमेठी की जनता के साथ छल करने का समय समाप्त हो चुका है। अमेठी के लोगों ने उनके नेतृत्व में जो भरोसा जताया है वे उसकी पाई-पाई अदा करेंगी।
स्मृति ने जिले के सभी ब्लॉकों में फायर स्टेशन, प्रत्येक न्याय पंचायत में हेल्थ वेलनेस सेंटर बनवाने के साथ ही परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प करने की बात कही। स्मृति ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि असैदापुर में बनकर तैयार जिला अस्पताल शुरू हो तो उसमें अत्याधुनिक बर्न यूनिट भी संचालित हो। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्मृति ने फायर स्टेशन परिसर में कल्पवृक्ष भी रोपा।
इस मौके पर सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह, गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश पासी, तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह, अमेठी विधायक गरिमा सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह के अलावा डीएम प्रशांत शर्मा, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, सीडीओ प्रभुनाथ व सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव मंच पर मौजूद रहे।
अमेठी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य।
- फोटो : amar ujala
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महज तीन माह में स्मृति ने अमेठी में 144 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को धरातल पर उतारा है। उन्हें 742 सड़कों के निर्माण/पुनर्निर्माण/चौड़ीकरण की सूची स्मृति ने दी है जिस पर जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
केशव ने कहा कि भाजपा वोट बैंक की राजनीति नहीं करती। उनके लिए लोगों का विकास सर्वोपरि है। इस दौरान डिप्टी सीएम ने अमेठी में ककवा रोड स्थित पुलिस लाइंस से पूरे प्रेम तक 17 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास, तिलोई में इन्हौना से रुदौली तक 38 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण समेत 92 करोड़ रुपये लागत की सात परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू कराने की बात कही। मौर्य ने डीएम को गौरीगंज में निरीक्षण गृह के लिए जल्द भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सभा को संबोधित करते हुए ग्राम्य विकास मंत्री मोती सिंह ने कहा कि जिले में तैनात विकास विभाग के अफसर चेत जाएं। किसी भी योजना में अपात्र का चयन हुआ या कोई भी काम मानक के विपरीत हुए तो सीधे निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने अफसरों से प्रतिदिन पांच गांवों का रेंडम निरीक्षण व कागजी घोड़े दौड़ाने की आदत से बाज आने को कहा। मंत्री ने कहा कि 2022 के पहले सभी पात्रों को आवास नहीं मिले तो अफसरों की खैर नहीं। मोती सिंह ने स्मृति से अमेठी के साथ प्रतापगढ़ के विकास पर भी ध्यान देने का भी आग्रह किया।