गौरीगंज (अमेठी)। जिले के सभी परिषदीय, राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में मध्याह्न भोजन की बेहतर गुणवत्ता का दावा किया जाता है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण भी किया जाता है। बावजूद इसके जिले के अधिकांश स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं मिल रही। न ही बच्चों को मेन्यू के मुताबिक खाना मिल रहा है।
शनिवार को अमर उजाला टीम ने एमडीएम का रियलिटी चेक किया तो अधिकांश स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं मिली। इतना ही नहीं स्कूल में बच्चों के भोजन से पहले हाथ साफ कराने के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। कई स्थानों पर तो गंदगी के बीच भोजन तैयार होता मिला।
गंदगी के बीच बन रहा खाना
गौरीगंज। शहर के पीएस कटरा लालगंज प्रथम में बैगन-आलू, द्वितीय में परवल-आलू, यूपीएम में कद्दू की रसीली सब्जी व कंपोजिट स्कूल पचेहरी में सोयाबीन व कद्दू की रसीली सब्जी के साथ चावल बना था। यूपीएस कटरा लालगंज में गंदगी के बीच कद्दू की रसीली सब्जी व चावल तैयार कर बच्चों को परोसा गया। कहीं भी बच्चों के हाथ धुलवाने की व्यवस्था नहीं दिखी।
सब्जी में नहीं दिखी सोयाबीन
बाजार शुकुल। कंपोजिट स्कूल बूबूपुर में शनिवार को आलू-कद्दू की रसीली सब्जी के साथ चावल तैयार किया गया था। मेन्यू के अनुसार सब्जी में सोयाबीन का प्रयोग नहीं किया गया था। स्कूल में पंजीकृत 341 बच्चों में से 246 ने एमडीएम ग्रहण किया। पानी भरी सब्जी में बच्चों को आलू व कद्दू खोजे नहीं मिला।
हैंडवॉश का प्रबंध नहीं
मुसाफिरखाना। प्राथमिक विद्यालय मांझगांव में शनिवार को पंजीकृत 157 बच्चों में उपस्थित 71 बच्चों के लिए मेन्यू के अनुसार सब्जी व चावल पकाया गया। लेकिन भोजन के पहले स्कूल में बच्चों के हैंडवॉश की व्यवस्था नहीं दिखी। बच्चे थाली धोते दिखे। भोजन ग्रहण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई गईं।
बच्चे घर से लेकर आ रहे टिफिन
अमेठी। शहर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को आलू-बैगन-टमाटर की सब्जी व चावल परोसा गया। हालांकि यहां एसडीएम की गुणवत्ता पर भरोसा नहीं होने से अधिकांश बच्चे घर से भोजन तैयार कराकर ले लाए थे। स्कूल में बच्चों के हैंडवॉश का प्रबंध नहीं था। बच्चे अलग पंक्तियों में भोजन करते मिले।
नहीं दिखी मौसमी सब्जी
परतोष। प्राथमिक स्कूल सनहा में शनिवार को पंजीकृत 77 में मौजूद 50 बच्चों के लिए मौसमी सब्जी व चावल तैयार किया गया था। स्कूल में भोजन ग्रहण करने के दौरान कई बच्चे घर से लाए टिफिन से भोजन ग्रहण करते नजर आए। परोसी गई सब्जी में सिर्फ सोयाबीन ही नजर आ रहा था। प्रधानाध्यापक राकेश विक्रम ने बताया कि कन्वर्जन कॉस्ट के अनुसार एमडीएम तैयार कर बच्चों को परोसा जा रहा है।
सब्जी कम रस ज्यादा
संग्रामपुर। उच्च प्राथमिक स्कूल खरबुजही में नामांकित 40 बच्चों में शनिवार को 18 बच्चे मौजूद रहे। बच्चों के स्कूल में मौसमी सब्जी के साथ चावल तैयार किया गया था। बच्चों को थाली में भोजन परोसने के बाद मौसमी सब्जी के बजाए पानी ज्यादा दिख रहा था। गुणवत्ता विहीन भोजन बच्चों ने आधा अधूरा खाकर छोड़ दिया। सब्जी में दिख रहा पानी गुणवत्ता प्रदर्शित कर रहा था।
सब्जी में ढूंढे नहीं मिले आलू-परवल
भेटुआ। प्राथमिक स्कूल भीमी में शनिवार को 21 बच्चों के लिए आलू-परवल की सब्जी व चावल तैयार किया गया था। बच्चों को परोसे गए भोजन में आलू व परवल खोजे नहीं मिला। भोजन मंत्र के साथ बच्चों को भोजन ग्रहण करने की अनुमति मिली। अधिकांश बच्चे सब्जी का स्वाद नहीं मिलने से भोजन करने के बजाए अधूरा भोजन कर कक्षा में वापस चले गए।
फर्श पर खिलाया गया खाना
शाहगढ़। प्राथमिक स्कूल पूरबगांव में पंजीकृत 101 छात्रों में 62 बच्चों को चावल के साथ आलू-कद्दू की रसीली सब्जी परोसी गई। स्कूल में पेयजल के लिए टोटी पर गंदगी की भरमार रही। बच्चों के हैंडवॉश के लिए कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। फर्श पर बिना टाट-पट्टी बच्चों ने भोजन ग्रहण किया। इस दौरान शिक्षक अपने कक्ष में बात-चीत करते रहे।
सब्जी-चावल की जगह बनी तहरी
जगदीशपुर। प्राथमिक स्कूल बनभरिया में एमडीएम में भारी अनियमितता दिखी। शनिवार को पंजीकृत 239 बच्चों में 110 बच्चों को सब्जी चावल के बजाए तहरी दी गई। एमडीएम वितरण के समय प्रधानाध्यापक पवनेश कुमार सोते रहे। बच्चे बिना कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए हैंडपंप पर हाथ धोकर फर्श पर बैठकर भोजन ग्रहण करते दिखे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि आलू नहीं मिलने से सब्जी की जगह तहरी बनाई गई।