गौरीगंज में ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते लोग। -संवाद
अमेठी सिटी। सर्द हवाओं के कारण ठंड का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। ठंडी हवाओं के चलने से बरकरार गलन से दोपहर में निकली धूप भी बेअसर साबित हुई। ठंड से परेशान लोगों को इससे बचने के लिए घरों में हीटर तो बाहर निकलने पर अलाव का सहारा लेने को विवश होना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 18.0 तो न्यूनतम 10.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान 8.7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली उत्तरी-पश्चिमी हवाओं ने ठिठुरन बनाए रखी। फिलहाल शीतलहर का प्रकोप भी कायम बना रहेगा। हालांकि बुधवार सुबह कोहरा तो नहीं रहा लेकिन ठंडी पछुआ हवाओं के चलने से ठिठुरन कायम रही।
मौसम साफ हुआ तो दोपहर में हल्की धूप भी निकली लेकिन तपिश न होने से वह बेअसर साबित हुई। ठंड के कारण जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहने से दुकानदार व कारोबारी भी परेशान दिखने लगे हैं। शाम ढलने के साथ बढ़ी गलन के बाद लोग ठंड से बचने के लिए फिर घरों में दुबकने लगे। इससे चौक-चौराहों के साथ रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड पर छाए सन्नाटे के बीच लोगों की भीड़ ठंड से बचने के लिए जल रहे अलाव के आसपास जुटी दिखी।
आलू-टमाटर पर झुलसा, सरसों पर माहू का खतरा
बीते 10 दिनों से लगातार जारी भीषण ठंड का असर खेती किसानी पर भी देखने को मिला है। ठंड बढ़ने से जहां रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं को फायदा है तो वहीं आलू, टमाटर, सरसों को नुकसान होने की आशंका से किसान परेशान हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश यादव ने बताया कि कोहरे के कारण गेहूं में प्रसार तेज होगा वहीं लगातार ठंड से आलू व टमाटर में झुलसा रोग की आशंका बढ़ गई है। बचाव के लिए किसान हल्की सिंचाई कर दें। वहीं सरसों के फूलों में माहू कीट लग सकता है।
बढ़ी हड्डी व जोड़ो के दर्द की परेशानी
ठंड में हड्डी व जोड़ों में दर्द की शिकायत से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि सर्दी के मौसम में लोगों के जोड़ों व हड्डियों में दर्द की परेशानी बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को होती है। उन्होंने ऐसे मरीजों को सर्दी से बचाव के साथ खाने में प्रोटीन युक्त पदार्थों का सेवन करने की सलाह भी दी। कहा कि नियमित व्यायाम के साथ नहाने में गर्म पानी के इस्तेमाल करने से भी राहत मिलती है।