जिला अस्पताल के सरकारी परचे के साथ छोटी परची पर लिखी गईं बाहर की दवाएं। संवाद
अमेठी सिटी। सरकारी अस्पताल में एक रुपये के परचे पर मरीजों को निशुल्क दवा और जांच की सुविधा का प्रावधान है। इसके बावजूद जिला अस्पताल की बालरोग ओपीडी में अलग परची पर बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायत सामने आई है। बुधवार को बच्चों का उपचार कराने पहुंचे कई तीमारदारों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने सरकारी परचे पर लिखी दवाओं के साथ अलग कागज पर भी दवाएं लिखीं। इन्हें अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ा।
असुरा गांव निवासी हबीब कई दिन से बुखार से पीड़ित बेटे मोहम्मद यूसुफ को लेकर बालरोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। हबीब के अनुसार चिकित्सक ने सरकारी परचे पर एक दवा लिखी, जबकि दो दवाएं अलग परची पर लिखीं। उन्हें ये दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं।
पूरबगांव निवासी नाजमीन 21 दिन की बेटी जोया को लेकर बालरोग विभाग पहुंचीं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने सरकारी परचे पर चार दवाएं और अलग परची पर एक दवा लिखी। नाजमीन के अनुसार बच्ची को राहत दिलाने के लिए महंगी दवा खरीदना मजबूरी है।
ओपीडी में कई महिलाएं बच्चों को बेंच पर लिटाकर जांच रिपोर्ट का इंतजार करती मिलीं। सरकारी अस्पताल में निशुल्क दवा की व्यवस्था के बीच बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत से अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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पर्याप्त दवाएं उपलब्ध, जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। बाहर की दवा लिखने पर रोक है। किसी चिकित्सक ने नियम के विपरीत ऐसा किया है तो जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई होगी।