मुसाफिरखाना। फर्जी नौकरी के दस्तावेज लगाकर भारतीय स्टेट बैंक की अलग-अलग शाखाओं से एक्सप्रेस क्रेडिट लोन लेने के मामले में पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। 6.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में 18 अगस्त को 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने जामों के मूंगी गांव निवासी अजय कुमार तिवारी को बुधवार सुबह शारदा सहायक नहर पर अनखरी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में राजीव गांधी पॉलीटेक्निक और ग्रामोद्योग सेवा संस्थान से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि फर्जी नियुक्ति पत्र, वेतन परची, फॉर्म-16 समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर एसबीआई की अलग-अलग शाखाओं से एक्सप्रेस क्रेडिट लोन लिया गया।
बैंक की ओर से पुलिस को नियुक्ति पत्र, वेतन परची, फॉर्म-16, ऋण खातों का विवरण, बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस के अनुसार मामले में 64 ऋण खातों में गड़बड़ी का दावा किया गया है।
बैंक से मिले दस्तावेज के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवेचक इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।