भाई-बहन के प्यार व समर्पण का पर्व है भैया दूज
संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। भैया दूज पर्व के लिए बाजार सज गए हैं। बहनों ने बाजार में खरीदारी कर त्योहार की तैयारी कर ली है। भाई व बहन एक-दूसरे को उपहार देने की तैयारी में भी हैं। ऐसे में चिवड़ा, मिठाई व विभिन्न प्रकार के उपहार बाजार में खरीदे जा रहे हैं।
भैया दूज का पर्व जिले में आंशिक रूप से मनाया जाता है, जिसमें बहनें भाई को हल्दी व चावल का तिलक लगा कर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इससे पहले सामन्य रूप से पूजा-पाठ करते हुए भैया दूज की कहानी भी कही व सुनी जाती है। बहनें भाई को मिठाई, चिवड़ा, दही आदि खिलाती हैं। इस दौरान बहनें अन्य विविध प्रकार के पकवान बनाकर भाई को खिलाती हैं। लोग पर्व के लिए विवाहित बहनों के घर जाने के लिए निकल रहे हैं। गौरीगंज निवासी हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि भैया दूज पर्व मनाने वालों की संख्या पहले की अपेक्षा बढ़ रही है। लोग भाई-बहन के इस पर्व को रक्षाबंधन की तरह मना रहे हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार बहन यमुना के घर यमराज पहुंचे तो वह बहुत खुश हुई। उन्होंने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनका आदर सत्कार किया। इस दौरान यमराज ने बहन यमुना के घर प्रेमपूर्वक भोजन किया। यमराज ने आशीर्वाद दिया कि हर वर्ष कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन जो भाई बहन के घर जाकर तिलक लगाएगा। यमुना में स्नान करेगा। उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा।