अमेठी सिटी। जिला समाज कल्याण विभाग में तैनात सहायक योजना प्रबंधक (आउटसोर्सिंग कर्मी) की नौकरी खतरे में है। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी ने उन पर अनुशासनहीनता व कार्यालय का ताला बंद कर गायब होने का आरोप लगाया है। साथ ही उनकी सेवा समाप्ति के संबंध में आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनी को पत्र भेजा है।
इसी का संज्ञान लेते हुए सेवा प्रदाता कंपनी ने जिलाधिकारी के माध्यम से जांच रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की बात कही है। जिला समाज कल्याण विभाग में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयाेजन में नामित फर्म के फर्जी अभिलेख लगाकर टेंडर हासिल करने संग अन्य जिलों में भ्रष्टाचार व ब्लैक लिस्ट होने की रिपोर्ट मिलने के बाद ये मामला सुर्खियों में है। वहीं समाज कल्याण विभाग (विकास) कार्यालय में मरम्मत, फर्नीचर, आलमारी व अन्य सामान की खरीद में 4.50 लाख रुपये की हेराफेरी करने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
समाज कल्याण विभाग में तैनात सहायक योजना प्रबंधक (संविदा) गौरव श्रीवास्तव ने भी परियोजना निदेशक पर धमकी देने व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। फर्म संचालक व सहायक योजना प्रबंधक ने अयोध्या मंडलायुक्त से शिकायत करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
सहायक योजना प्रबंधक (संविदा) गौरव श्रीवास्तव कार्यालय का ताला बंद कर कई दिनों से नदारद हैं। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी ऐश्वर्य यादव ने उनकी सेवा समाप्ति के संबंध में आउसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनी उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं विकास निगम लिमिटेड को पत्र लिखा है। सेवा प्रदाता कंपनी के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद ने सहायक योजना प्रबंधक (संविदा) की सेवा समाप्ति के संबंध में डीएम को एक पत्र भेजकर मामले की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी ऐश्वर्य यादव ने बताया कि बगैर सूचना के अनुपस्थित होने आदि के संबंध में सेवा प्रदाता कंपनी को पत्र भेजा गया है। सेवा समाप्ति आउटसोर्सिंग कंपनी करेगी।