मुसाफिरखाना तहसील परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत : स्थानीय नागरिक
मुसाफिरखाना। एसडीएम अभिनव कनौजिया के कार्य व्यवहार के विरोध में तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। यह विरोध-प्रदर्शन 30 दिसंबर से निरंतर चल रहा है।
प्रदर्शन में बाहर से आए अधिवक्ताओं ने भी भागीदारी की। पूर्व वाइस चेयरमैन बार काउंसिल उत्तर प्रदेश मधूलिका यादव ने जिलाधिकारी संजय चौहान से भेंट कर वकीलों की समस्याओं से अवगत कराया। रायबरेली से वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल सिंह और लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता दिनेश कुमार शुक्ला ने तहसील पहुंचकर आंदोलन में सहभागिता की। दोनों अधिवक्ताओं ने 15 जनवरी को प्रस्तावित महापंचायत में शामिल होने की सहमति जताई।
अधिवक्ता संघ मुसाफिरखाना आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने की तैयारियों में जुटा है। आसपास के जनपदों के अधिवक्ताओं से संपर्क साधा जा रहा है। विभिन्न बार एसोसिएशनों को महापंचायत में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया है। प्रदर्शन के दौरान राजन सिंह, संजय शुक्ला, केके सिंह, संजय मिश्र, सुनील श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
वकीलों ने जताया शोक
अमेठी। बार एसोसिएशन सभागार में सोमवार को शोकसभा आयोजित की गई। इसमें तहसील के बार एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश सिंह की चाची के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बार एसोसिएशन के सचिव अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि शोक संवेदना स्वरूप अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं किया।